जालौन में ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, किसानों ने किया रोड:लेखपाल हटाने और मुआवजे की मांग पर प्रदर्शन
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जालौन में ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, किसानों ने किया रोड:लेखपाल हटाने और मुआवजे की मांग पर प्रदर्शन
जालौन में ओलावृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद किसानों का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर दिखा। जमरेही सानी और धमरेही गांव के किसानों ने माधौगढ़-कुठौंद मार्ग पर जाम लगा दिया। वे लेखपाल मंगल कांत गोस्वामी को हटाने और जल्द मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि लेखपाल मंगल कांत गोस्वामी की कार्यप्रणाली संदिग्ध है। उनका कहना था कि लेखपाल कई वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात हैं और केवल अपने चहेते लोगों के काम करते हैं। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मुआवजे के लिए अवैध रूप से पैसे मांगे जाते हैं, और जो किसान पैसे नहीं देते, उन्हें राहत से वंचित कर दिया जाता है। शिकायत करने पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। किसानों के अनुसार, हाल ही में हुई ओलावृष्टि से उनकी गेहूं और चना सहित रबी की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इसके बावजूद, लेखपाल द्वारा मौके पर कोई सर्वे नहीं किया जा रहा है, जिससे प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने में दिक्कत आ रही है। रोड जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम राकेश कुमार सोनी, सीओ अंबुज सिंह, तहसीलदार गौरव कुमार, नायब तहसीलदार भुवनेन्द्र कुमार और गोहन थाना प्रभारी सतीश कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने संबंधित लेखपाल को तत्काल हटाने और निष्पक्ष तरीके से खेतों का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही सर्वे कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया और मार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
