जहानाबाद में बिहार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘जीविका’ के तहत संचालित जिला स्तरीय सिलाई प्रशिक्षण-सह-उत्पादन केंद्र का उद्घाटन किया गया। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने दीप प्रज्वलित कर इस केंद्र का शुभारंभ किया। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। प्रशिक्षण, उत्पादन कार्य और भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा उद्घाटन के अवसर पर जिलाधिकारी ने केंद्र का निरीक्षण किया और जीविका दीदियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण, उत्पादन कार्य और भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा, साफ-सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि केंद्र में प्रतिदिन लगभग 200 से 300 महिलाएं कार्य करती हैं, इसलिए उनके लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। जीविका से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। 30 आंगनबाड़ी बच्चों के बीच जीविका दीदियों ने बांटी ड्रेस इस अवसर पर लगभग 30 आंगनबाड़ी बच्चों के बीच जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए ड्रेस वितरित किए गए। जिलाधिकारी ने स्वयं कुछ बच्चों को पोशाक पहनाई और उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। जिले में कुल 12,677 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से 1,32,982 महिलाओं को जीविका से जोड़ा गया है। इस जिला स्तरीय केंद्र के माध्यम से 128 जीविका दीदियों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंडों में स्थापित 19 प्रखंड स्तरीय सिलाई प्रशिक्षण केंद्रों से लगभग 500 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर आय के अवसर बढ़े हैं और पलायन में कमी आई है।
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