बुलंदशहर के जहांगीराबाद कस्बे में हुए सांप्रदायिक संघर्ष का मुख्य कारण सट्टेबाजी का विवाद था। सट्टे के पैसों को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ा, जिससे कस्बे का माहौल बिगड़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। यह घटना ईद के त्योहार से ठीक पहले 17 मार्च की शाम को हुई थी। दो समुदायों के बीच अचानक संघर्ष छिड़ गया। इसका वीडियो भी सामने आया था। इस विवाद की असली जड़ सट्टेबाजी थी। एक समुदाय का युवक सट्टे का कारोबार करता है। दूसरे समुदाय के एक युवक पर उसके सट्टे के लाखों रुपये बकाया थे। बकाया पैसों का भुगतान न होने पर यह विवाद शुरू हुआ। 17 मार्च की शाम को हुई पहली घटना के बाद अगले दिन तक तीन और घटनाएं दर्ज की गईं। जब स्थानीय कोतवाली पुलिस स्थिति को संभालने में विफल रही, तो जिला मुख्यालय के अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। SSP दिनेश कुमार सिंह, SP देहात डॉ. तेजवीर सिंह और CO विकास चौहान सहित कई थानों की पुलिस फोर्स ने तीन से चार दिनों तक कस्बे में डेरा डाला। स्वयं कप्तान और जिलाधिकारी को सड़कों पर उतरकर शांति समिति की बैठकें करनी पड़ीं, जिसके बाद ही माहौल शांत हो सका। सूत्रों के अनुसार, जहांगीराबाद में रोजाना 8 से 10 लाख रुपए का सट्टे का अवैध कारोबार चल रहा है। हालांकि, इस संबंध में किसी भी पुलिस अधिकारी ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

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