कानपुर के जाजमऊ स्थित जल निगम के दो प्रमुख ट्रीटमेंट प्लांटों का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। बिजली विभाग ने जल निगम पर 365 करोड़ रुपये के भारी बकाये के चलते यह कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप, लाखों लीटर अनुपचारित दूषित पानी सीधे गंगा नदी में बहा दिया गया। यह कार्रवाई जाजमऊ के 36 एमएलडी सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) और 5 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट पर की गई। जानकारी के मुताबिक, 5 एमएलडी प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा था, जबकि 36 एमएलडी प्लांट अब जनरेटर के सहारे चलाया जा रहा है। 2 तस्वीर देखिए… जनरेटर से सीमित संचालन के कारण 36 एमएलडी प्लांट की क्षमता प्रभावित हो रही है। इससे सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट का पूरा उपचार नहीं हो पा रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। दूषित पानी एयरफोर्स नाला (चोर नाला) के जरिए गंगा में बहाया जा रहा है। सहायक अभियंता (कनेक्शन) धनंजीव कुमार ने बताया कि जल निगम पर बिजली विभाग का कुल नगरीय बकाया लगभग 365 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दो दिन पहले ही 33 करोड़ रुपये के बकाये के कारण पीएस-1, पीएस-2, पीएस-3 और पीएस-4 के बिजली कनेक्शन भी काटे गए थे। बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि का भुगतान होने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। इस कटौती से जाजमऊ क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। 36 एमएलडी प्लांट के जेई आशीष जयम ने बताया कि बिजली बिल का भुगतान लंबित होने के कारण कनेक्शन काटा गया है। उन्होंने कहा कि बिल भुगतान की जिम्मेदारी ईएमडीएम विभाग की है और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर जल्द भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है। सहायक अभियंता धनंजीव ने बताया कि जल निगम को पहले भी कई बार नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मंगलवार रात को कार्रवाई करते हुए कनेक्शन काटे गए। अब सभी की निगाहें बकाया भुगतान और प्लांटों की बिजली बहाली पर टिकी हैं।

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