ललितपुर में जाखलौन क्षेत्र के किसान नेता की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों और भाकियू कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। मृतक की पहचान ग्राम बम्हौरी पठार निवासी 30 वर्षीय सोवरन सिंह के रूप में हुई है, जो भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) में पिपरई न्याय पंचायत के अध्यक्ष थे। घटना के समय वह रात करीब 10 बजे खेत से भूसा लेकर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद उन्हें पहले ललितपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर झांसी रेफर किया गया। बाद में उन्हें ग्वालियर भेजा गया, जहां 1 अप्रैल को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों और भाकियू नेताओं में आक्रोश फैल गया। बुधवार दोपहर प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर एम्बुलेंस में शव रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर उप जिलाधिकारी सदर मनीष कुमार विश्वकर्मा, सीओ सिटी सुनील भारद्वाज और विद्युत अभियंता ग्रामीण विशाल सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और किसानों से बातचीत कर आश्वासन दिया कि पाली क्षेत्र के अवर अभियंता निश्चय वर्मा का तत्काल स्थानांतरण किया जाएगा और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए, जहां देर शाम अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों का आरोप है कि जिस जर्जर बिजली खंभे के गिरने से सोवरन सिंह की मौत हुई, उसे हटवाने के लिए वे कई बार बिजली विभाग को ज्ञापन दे चुके थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस दौरान प्रदर्शन के दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष लाखन सिंह पटेल सहित विशाल सिंह, पहाड़ सिंह, जगदीश, शिशुपाल, मलखान, राजेश यादव, बृजेश, पंकज, शैतान सिंह, शंकर, कप्तान सिंह, हृदेश यादव मुखिया, हरपाल सिंह, रहीश सिंह, चंदन सिंह और नीलम सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।

Leave a Reply