रेवाड़ी में माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी ने 19 मार्च को तीन साथियों के साथ गिरफ्तार किया। हमले के बाद आरोपी सरपंच ने इससे पहले सरपंच रविंद्र हाथी ने उपचार के लिए जयपुर में दो अस्पताल बदले। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद एक दिन बहरोड़ में रूके। जहां से गाड़ी लेकर उज्जैन पहुंचे। उज्जैन से साथियों के साथ बरसाना पहुंचे। बरसाना में रहते हुए कोसी मंदिर के दर्शन किए। सूचना मिलने के बाद हां से धारूहेड़ा सीआईए ने सरपंच को उसके तीन साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से मिले पुलिस रिमांड के दौरान आरोपयों से पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई। आरोपी ने नहीं यूज किया फोन अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आरोपी सरपंच ने फरारी के दौरान अपना फोन भी प्रयोग नहीं किया। जिस कारण आरोपी लंबे समय तक पुलिस को चकमा देने में सफल रहा। फरारी के चलते पुलिस ने सरपंच पर पांच हजार का इनाम घोषित किया। 18 मार्च को पुलिस ने तकनीक का सहारा लेकर बरसाना से तीन साथियों के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 19 जनवरी को शुरू हुआ विवाद गांव माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी और भालखी के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह के बीच सीवर पर विवाद हुआ था। 19 मार्च को रविंद्र हाथी ने भालखी ने सुरेंद्र पर हमला करने का आरोप लगाया। उसी शाम सुरेंद्र ने रविंद्र हाथी पर साथियों से घर पर हमला करवाने और तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए। दोनों पक्षों पर केस हुए। 26 जनवरी को भालखी सरपंच प्रतिनिधि पर स्कूल में हुए कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे। माजरा फ्लाइओवर के पास हमला हो गया। फायर करते समय निकली मैग्जीन डीएसपी सुरेंद्र श्योरण ने बताया कि हमले के दौरान आरोपियों ने फायर करने का प्रयास किया था। फायर करते समय मैग्जीन निकलने से फायर नहीं कर पाए। पुलिस ने मौके से मैग्जीन बरामद की थी। हमले में घायल सरपंच प्रतिनिधि की डाक्टरों को एक टांग काटनी पड़ी।

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