जयंत की जिस जाटसंसद से दूरी उसके नेता को पद:मेरठ का विवेक बाफर रालोद युवा में बना प्रदेश उपाध्यक्ष, इसी आयोजन में जाट शब्द हटाने पर मचा बवाल
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जयंत की जिस जाटसंसद से दूरी उसके नेता को पद:मेरठ का विवेक बाफर रालोद युवा में बना प्रदेश उपाध्यक्ष, इसी आयोजन में जाट शब्द हटाने पर मचा बवाल
मेरठ के सकौती में 29 मार्च में आयोजित महाराजा सूरजमल की मूर्ति अनावरण समारोह से रालोद मुखिया जयंत चौधरी ने दूरी बनाई थी, उसी संस्था के पदाधिकारी को अब राष्ट्रीय लोकदल में बड़ा पद मिला है। अंतराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विवेक बाफर को रालोद युवा में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है। विवेक बाफर को पार्टी में पद मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं, कि जिस आयोजन में जयंत नहीं आए, बिरादरी के आयोजन से दूर रहे उसी संस्था के नेता को अचानक 7 दिन बाद ये बड़ा पद दे दिया। खास बात यह है कि विवेक बाफर उसी जाट संसद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, जिसके हाल ही में हुए आयोजन से जयंत चौघरी ने दूरी बनाकर रखी थी। इसी के साथ- साथ उन्होंने एक युटयूबर को दिए गए इंट्रव्यू में कहा भी था कि उनको जिस सम्मान और तरीके के साथ कार्यक्रम में बुलाया जाना चाहिए था वह उस ठंग से नहीं हुआ है। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब जाट संसद के आयोजन में ‘जाट’ शब्द हटाने को लेकर समाज में विरोध और नाराजगी देखने को मिली थी। इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था और कई संगठनों ने इसे पहचान और अस्मिता से जोड़कर सवाल उठाए थे। इसी विवाद के बीच अब विवेक बाफर को रालोद युवा में उपाध्यक्ष बनाए जाने से सियासी गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जिस प्रकार जाट संसद के प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम के दौरान ‘जाट’ शब्द हटाने के फैसले को लेकर कई नेताओं ने असहमति जताई थी, जिसके बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक गर्माया रहा। हालांकि, जयंत चौधरी ने इस पूरे विवाद से खुद को अलग रखते हुए स्पष्ट संकेत दिया था कि पार्टी इस तरह के आयोजनों से दूरी बनाए रखेगी। अब ऐसे समय में उसी आयोजन से जुड़े नेता को अहम जिम्मेदारी मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एक तरफ संगठन विस्तार की कोशिश है, वहीं दूसरी ओर जाट समाज के भीतर संतुलन साधने की रणनीति भी हो सकती है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भी अच्छे संबंध उनके द्वारा साक्षा किए गए कुछ फोटो में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी हैं। मेरठ के तत्कालीन जिला अधिकारी रहे दीपक मीणा के साथ साक्षा किए गए उनके फोटो में वह डीएम के कंधे पर हाथ रखकर सेल्फी लेते हुए नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही मेरठ के पूर्व एसएसपी के साथ भी उनके काफी फोटो सोशल मीडिया पर साक्षा हैं। विवेक बाफर मेरठ की चर्चित सुभारती युनिवर्सिटी के सह कुलसचिव व रजिस्ट्रार जनरल भी हैं।
गरमाई है पश्चिम यूपी की जाट राजनीति 29 मार्च को हुए प्रतिमा के अनावरण में जाट शब्द को लेकर हुए विवाद के बाद से पश्चिम यूपी की जाट राजनीति गरमाई हुई है। जहां एक और जाट नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसके बाद रालोद का यह निर्णय नई कहानी बनाता दिखाई दे रहा है। भाजपा नेताओं से भी हैं करीबी जिस विवेक बाफर को रालोद में प्रदेश उपाध्यक्ष का पद मिला है वह भाजपा नेताओं के भी बेहद करीबी हैं। सोशल मीडिया पर साक्षा किए गए फोटो इस बात का प्रमाण देते हैं कि उनके संबंध सभी से नजदीकी हैं। चाहे वह पूर्व प्रदेश पुर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान हों या मेरठ महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी सभी के साथ उनके फोटाे हैं।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
