फर्रुखाबाद में ग्राम समाज की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के नाम पर एक ग्राम प्रधान से कथित तौर पर 1.75 लाख रुपये लेने के आरोप में एक दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्राम प्रधान ने कानपुर जोन के एडीजी से शिकायत की थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के निसाई गांव की प्रधान गीता देवी ने सोमवार को कानपुर में एडीजी आलोक कुमार सिंह से मुलाकात कर शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने दरोगा सुरेश चाहर के बेटे के बैंक खाते में भेजे गए रुपयों के स्क्रीनशॉट भी प्रस्तुत किए। 75,000 रुपये नकद लिए प्रधान ने आरोप लगाया कि दरोगा ने उनसे 75,000 रुपये नकद लिए थे, जबकि शेष राशि ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। शिकायती पत्र में प्रधान ने बताया कि ग्राम सभा की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया था, जिसकी शिकायत उन्होंने उच्च अधिकारियों से की थी। अधिकारियों ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। प्रधान का आरोप है कि जब उन्होंने मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने की बात कही, काम कराने का आश्वासन तो एक इंस्पेक्टर ने उन्हें हल्का इंचार्ज सुरेश चाहर से बात करने को कहा और काम कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुरेश चाहर ने अपने बेटे के खाते में कई बार में कुल 1.75 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ग्राम प्रधान निसाई द्वारा बीती रात तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि कोतवाली में तैनात हल्का प्रभारी सुरेश चाहर ने भूमि संबंधी एक प्रकरण में धनराशि की मांग की थी। प्रधान द्वारा कुछ राशि नकद और कुछ ऑनलाइन ट्रांसफर की गई थी। प्रथम दृष्टया जांच में लगाए गए आरोप सत्य पाए गए हैं। इस पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सुरेश चाहर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

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