लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विवेक खंड 3 व 4 में जनकल्याण समिति द्वारा एक होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रंग, संगीत और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे माहौल को होलीमय बना दिया। संगीत भवन एकेडमी के कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। ‘जहां जहां राधे, वहां जायेंगे मुरारी..’ और ‘जय जय शिव शंकर, मूड है भयंकर..’ जैसे गीतों पर लोगों ने फूलों की होली खेली और एक-दूसरे को रंगों की शुभकामनाएं दीं। हनुमान चालीसा की प्रस्तुति दी कार्यक्रम के दौरान “बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी…” और “होली खेलत गिरधारी…” जैसे लोकप्रिय गीतों पर दर्शक झूम उठे। हनुमान चालीसा की प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। संगीत भवन एकेडमी के अथर्व मिश्रा, शुभ मिश्रा, सानवी, सोम्या, मिहिका, आद्रिका, अव्युक्ता, आस्था, नूपुर, सुमन, नीलिमा, आश्वी, वान्या, भूमी, परी, परिनिधी, उदयन और सोहम मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन किया। विवेक खंड के शौर्य, त्रिशा, कृतिका, श्रेय, मेघा और मिशिका सहित अन्य बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गजल पेश कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया मुकेश कुमार ने तलत अजीज की ग़ज़ल पेश कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया, जबकि मीरा श्रीवास्तव के गीतों ने भी खूब सराहना बटोरी। सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग अंत तक जुड़े रहे।समिति के अध्यक्ष वी. के. मिश्रा और सचिव रूप कुमार शर्मा ने कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ओ. पी. श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत के बारे में बताया । ओ. पी. श्रीवास्तव ने कहा कि भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है, जहां सभी धर्मों के पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। उन्होंने होली को सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जहां दुनिया के कई हिस्सों में अशांति और युद्ध का माहौल है, वहीं भारत में लोग शांति और उल्लास के साथ अपने त्योहार मना रहे हैं।मुख्य अतिथि ने हाल ही में मनाए गए होली, नव संवत्सर, चैत्र नवरात्र और राम नवमी की सभी को शुभकामनाएं दीं।

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