जगजीवन राम जयंती कार्यक्रम में गूंजा सामाजिक न्याय का मुद्दा:मीरा कुमार ने अजय राय की तारीफ की, बोलीं- अजय राय सांसद होते
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जगजीवन राम जयंती कार्यक्रम में गूंजा सामाजिक न्याय का मुद्दा:मीरा कुमार ने अजय राय की तारीफ की, बोलीं- अजय राय सांसद होते
लखनऊ स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने पार्टी के नेताओं और विचारधारा को लेकर बड़ा संदेश दिया। कार्यक्रम में दलित पूर्व सांसदों और विधायकों को सम्मानित किया गया, जबकि प्रो. रतनलाल बतौर वक्ता मौजूद रहे। मीरा कुमार ने कांग्रेस नेता अजय राय की सराहना करते हुए कहा कि वह बड़ी से बड़ी ताकत से लड़ने का साहस रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ी न हुई होती तो अजय राय संसद में होते। सामाजिक न्याय पर उठाए सवाल मीरा कुमार ने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि विदेशों में सामाजिक न्याय की जरूरत उतनी नहीं पड़ती, लेकिन भारत में आज भी यह बड़ा मुद्दा है। उन्होंने जाति व्यवस्था को समाज की “बीमारी” बताते हुए कहा कि छुआछूत सिर्फ उसका लक्षण है, असली समस्या जाति-पात है, जिसे खत्म करने की जरूरत है। जाति व्यवस्था पर तीखा हमला उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जाति व्यवस्था अमरबेल की तरह है, जो समाज को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल लक्षण नहीं, बल्कि जड़ पर चोट करने की जरूरत है। आजादी के बाद भी नहीं घटी असमानता मीरा कुमार ने कहा कि देश को आजादी मिलने के बाद भी अमीरी-गरीबी की खाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने याद दिलाया कि आजादी की लड़ाई में दलित और पिछड़े वर्गों की बड़ी भूमिका रही, लेकिन आज भी बराबरी की लड़ाई अधूरी है। राजनीति और इतिहास पर भी टिप्पणी उन्होंने ब्रिटिश शासन की ‘फूट डालो और राज करो’ नीति का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेज भारतीय समाज को बांटने की कोशिश करते रहे। बाद में यही विभाजन की राजनीति देश के बंटवारे तक पहुंची। यूपी में कांग्रेस से उम्मीद मीरा कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए बड़ी संभावनाएं हैं और जनता को पार्टी से उम्मीद है। उन्होंने अपने पारिवारिक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनका इस प्रदेश से गहरा रिश्ता रहा है। व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें भी कई बार भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में छुआछूत की मानसिकता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखनी होगी। महिलाओं के सम्मान पर जोर मीरा कुमार ने कहा कि जगजीवन राम महिलाओं के सम्मान को ईश्वर की पूजा से भी ऊपर मानते थे। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव के लिए महिलाओं को सम्मान देना बेहद जरूरी है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
