सारण के छपरा मुख्यालय में जलजमाव की समस्या एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। बरसात के दिनों में शहर के कई प्रमुख और घनी आबादी वाले इलाके पानी में डूब जाते हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है। यह मुद्दा वर्षों से चुनावी वादों का हिस्सा रहा है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। शहर के बिंदोलिया रोड, प्रभूनाथ नगर, शांति नगर, टारी, दरियाव टोला, उमा नगर और शक्तिनगर जैसे क्षेत्रों में हर साल बारिश के दौरान सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। नालों की समुचित सफाई और जल निकासी की व्यवस्था के अभाव में स्थिति गंभीर हो जाती है। कई जगहों पर जलभराव इतना अधिक होता है कि लोगों को घरों से निकलने में कठिनाई होती है। बरसात के समय सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित भारतीय जनता पार्टी की नवनिर्वाचित विधायक छोटी कुमारी ने शुक्रवार को सदन के शून्यकाल में इस समस्या को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने अध्यक्ष का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि अपेक्षाकृत संपन्न माने जाने वाले इलाकों में भी जलजमाव की स्थिति चिंताजनक है। बरसात के समय सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो जाता है और कई बार लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। सफाई, पंपिंग स्टेशन और प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम की मांग विधायक ने बताया कि सदर प्रखंड के करीना सदा क्षेत्र में भी हर साल ऐसे ही हालात बनते हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन ठप हो जाता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बरसात से पहले नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशन की व्यवस्था और एक प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जाए ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल जल निकासी के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई का अभाव रहता है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि सदन में उठाया गया यह मुद्दा प्रशासन को इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए प्रेरित करेगा।
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