वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में गंगा कटाव रोकने के कार्य पर ताजपुर मोलनापुर के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। उनका आरोप था कि इस परियोजना में उनके आवागमन और जल निकासी की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने निर्माण कार्य बंद करा दिया। यह मामला क्षेत्रीय विधायक त्रिभुवन राम तक पहुंचा, जिन्होंने फोन पर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं।
विधायक राम ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी और ठेकेदार गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि यदि उचित प्रबंधन नहीं किया गया, तो बाढ़ के समय पूरा गांव जलमग्न हो सकता है। इस दौरान ग्राम प्रधान आशीष गौड़ भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और उनकी मांगों को उचित माना। लंबी चर्चा के बाद एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें स्पष्ट किया गया कि गांव के पानी की निकासी के लिए विशेष नाले और घाट तक जाने के लिए सीढ़ियां बनाई जाएंगी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विकास कार्य से किसी का रास्ता बाधित नहीं होगा। इस लिखित गारंटी के बाद ग्रामीणों का विरोध शांत हुआ। सुखदेव, धनंजय और धर्मेंद्र निषाद सहित अन्य ग्रामीणों ने विधायक त्रिभुवन राम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। ग्राम प्रधान आशीष गौड़ ने ठेकेदार को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और ग्रामीणों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि गांव के विकास के साथ-साथ बुनियादी ढांचे की मजबूती सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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