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चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शाकंभरी मंदिर पर मेला:चार जोन और 12 सेक्टर में बांटा, सीसीटीवी से निगरानी, 15 अस्थायी चौकी बनाई


                 चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शाकंभरी मंदिर पर मेला:चार जोन और 12 सेक्टर में बांटा, सीसीटीवी से निगरानी, 15 अस्थायी चौकी बनाई

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शाकंभरी मंदिर पर मेला:चार जोन और 12 सेक्टर में बांटा, सीसीटीवी से निगरानी, 15 अस्थायी चौकी बनाई

सहारनपुर के सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर में आज से चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन भव्य मेले की शुरुआत हो गई है। पश्चिमी यूपी के इस प्रसिद्ध सिद्धपीठ में देशभर से लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब धरती पर भयंकर अकाल पड़ा था, तब देवताओं की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने शाकंभरी रूप में यहां प्रकट होकर लोगों की भूख मिटाई थी। कहा जाता है कि माता ने अपनी दिव्य शक्ति से पहाड़ियों पर शाक, फल और वनस्पतियां उत्पन्न कीं, जिससे जीवन का संरक्षण हुआ। इसी कारण उन्हें शाकंभरी देवी के नाम से पूजा जाता है। मंदिर के आसपास स्थित वीर क्षेत्र में माता और दैत्यों के बीच भीषण युद्ध हुआ था, जहां मां ने महिषासुर का संहार किया था। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु परंपरा के अनुसार पहले बाबा भूरा देव के दर्शन करते हैं, उसके बाद मां शाकंभरी देवी के दर्शन कर प्रसाद अर्पित करते हैं। यहां का प्रमुख प्रसाद ‘सराल’ माना जाता है, जो शिवालिक क्षेत्र में पाया जाने वाला एक विशेष प्रकार का फल है। यह प्रसाद श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र है।
नवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। संतों और धार्मिक गुरुओं द्वारा श्रद्धालुओं को केवल व्रत-उपवास तक सीमित न रहकर जीवन में देवी के गुणों को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है। संतों का कहना है कि नवरात्रि केवल अनुष्ठान का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, आत्मचिंतन और आत्मबल बढ़ाने का अवसर है। सच्चे मन और श्रद्धा से की गई आराधना ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है। मेले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को चार जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया है। प्रमुख स्थानों पर 15 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं, जहां पुलिस बल की लगातार तैनाती रहेगी। इसके अलावा मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। एसएसपी अभिनंदन सिंह के अनुसार, मेले में भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अनाउंसमेंट सिस्टम को भी मजबूत किया गया है, जिससे आवश्यक सूचनाएं समय-समय पर प्रसारित की जा सकें। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला परिसर में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इन हेल्प डेस्क पर महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएंगी। प्रशासन का विशेष ध्यान इस बात पर है कि महिलाओं और बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इस बार चैत्र नवरात्रि के साथ ही ईद का पर्व भी पड़ रहा है, जिसे देखते हुए जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन दोनों त्योहारों को आपसी सौहार्द और शांति के साथ संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। अधिकारियों का कहना है कि सभी व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार हैं। मेले में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही है। भक्तगण मां शाकंभरी देवी के जयकारों के साथ दर्शन कर रहे हैं और सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। प्रशासन और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।


Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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