लखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान में चल रहे चैती महोत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या रंगारंग प्रस्तुतियों से सराबोर रही। घुँघरू नृत्य संगम डांस अकादमी के सहयोग से आयोजित ‘प्रतिभा को पहचान, सपनों को उड़ान’ कार्यक्रम ने दर्शकों का मन मोह लिया। शाम ढलते ही मंच रोशनी और संगीत से जगमगा उठा, जिससे एक मनमोहक सांस्कृतिक माहौल बन गया। कार्यक्रम की शुरुआत घुँघरू डांस एकेडमी के नन्हे कलाकारों ने की। मनीषा यादव के निर्देशन में आराध्या, ऋषिता, अविका, अनाया और तनीषी ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। राजस्थान का प्रसिद्ध कालबेलिया नृत्य ‘काल्यो कूद पड़्यो मेला में’ और महाराष्ट्र का लावणी नृत्य ‘अप्सरा आली’ गीत पर पेश किया गया। इन दोनों प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और देर तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही। माहौल कृष्ण भक्ति से सराबोर हो गया इसके बाद कार्यक्रम का अगला चरण भक्ति संगीत से सजा। ‘जय कन्हैया लाल की’ गीत पर मनीषा यादव, मलखान सिंह, लवली घिल्डियाल, मौसमी, वर्षा, सौम्या, मालसी, आद्या और शनाया ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों ने अपनी भाव-भंगिमाओं से श्री कृष्ण जन्मलीला को जीवंत कर दिया, जिससे पूरा माहौल कृष्ण भक्ति से सराबोर हो गया। इस आयोजन में उपस्थित दर्शक भक्ति और संस्कृति के रंगों में रंगे नजर आए। महोत्सव ने न केवल उभरती प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान किया, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा को भी खूबसूरती से प्रस्तुत किया।

Leave a Reply