चित्रकूट में नवरात्रि पर्व के चलते हनुमान धारा मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पहाड़ियों पर स्थित इस प्राचीन मंदिर तक पहुंचने के लिए अब रोपवे की सुविधा ने यात्रा को बेहद आसान और सुगम बना दिया है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। मंदाकिनी नदी के किनारे से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित हनुमान धारा मंदिर तक सीढ़ियों के रास्ते पहुंचने में पहले करीब 45 मिनट लगते थे। रोपवे शुरू होने के बाद यह दूरी महज 4 मिनट में पूरी हो जाती है। इससे बुजुर्ग और अस्वस्थ श्रद्धालु भी बिना किसी कठिनाई के दर्शन कर पा रहे हैं। नवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी मंदिरों और शक्तिपीठों के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु मध्यप्रदेश के मैहर में मां शारदा देवी के दर्शन के बाद चित्रकूट आकर हनुमान धारा के दर्शन भी कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा हुआ है। स्थानीय श्रद्धालु अभिषेक ने बताया कि प्रतिदिन हजारों लोग दर्शन के लिए आते हैं। रोपवे शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, खासकर बुजुर्गों के लिए यह सुविधा बेहद लाभकारी साबित हो रही है। हनुमान धारा मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। पहाड़ी पर स्थित मंदिर से आसपास का मनमोहक दृश्य भक्तों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। नवरात्रि के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आस्था और आधुनिक सुविधा का यह संगम हनुमान धारा को इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा है।

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