चित्रकूट-प्रयागराज बॉर्डर पर मुरका गांव के पास स्थित एक ग्लास फैक्ट्री के नजदीक जंगल में भीषण आग लग गई। आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। जिससे आसपास का घना जंगल इसकी चपेट में आ गया। दूर-दूर तक धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। ग्रामीण अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास करते रहे। लेकिन तेज हवाओं और जंगल में मौजूद सूखी पत्तियों व पेड़ों के कारण आग लगातार फैलती रही। पर्यावरण और वन्यजीवों को भारी नुकसान होता है आग के रिहायशी इलाकों तक पहुंचने की आशंका से आसपास के गांवों में रहने वाले लोग चिंतित दिखे। प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गई। हालांकि मौके पर राहत और बचाव कार्य अभी पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया। गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में चित्रकूट के जंगलों में आग लगने की घटनाएं आम हैं। अक्सर महुआ बीनने के दौरान ग्रामीण जंगल में आग लगा देते हैं, जो बाद में अनियंत्रित हो जाती है। इन घटनाओं के कारण हर साल हजारों हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर खाक हो जाता है, जिससे पर्यावरण और वन्यजीवों को भारी नुकसान होता है।

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