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चंदौसी में डेढ़ घंटा ओलावृष्टि से बदला मौसम:गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की

चंदौसी में डेढ़ घंटा ओलावृष्टि से बदला मौसम:गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की


                 चंदौसी में डेढ़ घंटा ओलावृष्टि से बदला मौसम:गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की

चंदौसी में डेढ़ घंटा ओलावृष्टि से बदला मौसम:गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की

संभल में डेढ़ घंटे तक हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश से मौसम में बड़ा बदलाव आया है। इससे पहले हुई बारिश के कारण 60 प्रतिशत गेहूं की फसल खेतों में गिर गई थी, और अब ओलावृष्टि से बची हुई फसल भी पूरी तरह नष्ट हो गई है। इस दौरान तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, वहीं हवाएं 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। यह घटना रविवार सुबह 11 बजे जनपद संभल की तहसील चंदौसी के 40 से अधिक गांवों और कस्बा बहजोई क्षेत्र में हुई। चंदौसी तहसील के आठ गांवों – भवन, परतापुर, राजपुर, किसौली, अमावती, ढाढोल, घासीपुर और सिंघपुर’ में बड़े ओले गिरे, जिससे कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। दर्जनों अन्य गांवों और बहजोई कस्बे में भी बारिश के साथ ओले गिरे। खेतों में बची हुई गेहूं की फसल भी खराब हो गई ओलावृष्टि के बाद दोपहर 1 बजे क्षेत्र का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 20 दिनों से 38-40 डिग्री सेल्सियस के बीच था। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों को भारी नुकसान हुआ है। बारिश से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सुधार हुआ और यह 47 दर्ज किया गया। संभल तहसील क्षेत्र में सुबह से ही काले बादल छाए हुए थे। इससे पहले, 20 मार्च को संभल-चंदौसी तहसील में हुई बारिश से 60 प्रतिशत गेहूं की फसल खेतों में गिर गई थी। किसानों को प्रति बीघा तीन क्विंटल गेहूं मिलने की उम्मीद थी, जो बारिश के बाद घटकर एक से सवा क्विंटल रह गई थी। अब आज की ओलावृष्टि ने बची हुई फसल को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। गांव भवन निवासी किसान सुगड़पाल दिवाकर ने बताया कि ओलावृष्टि से खेतों में बची हुई गेहूं की फसल भी खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को भारी नुकसान हुआ है और सरकार को इस स्थिति में मुआवजा देना चाहिए।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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