चंदौली कोर्ट ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम विकास वर्मा की अदालत ने दोषी विजय कुमार सरोज को तीन साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी फैसला सुनाया कि यदि दोषी अर्थदंड जमा नहीं करता है, तो उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला 10 जुलाई 2021 को मुगलसराय कोतवाली में दर्ज किया गया था। मिर्जापुर जनपद के 138 बीके रेलवे कॉलोनी निवासी विजय कुमार सरोज के खिलाफ एक पीड़ित महिला के परिजनों ने आईपीसी की धारा 323, 376, 495 और 494 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि विजय कुमार सरोज ने उसे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया था। मामले की सुनवाई के दौरान मुगलसराय कोतवाली पुलिस के पैरोकार अश्वनी राय ने कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत किए। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता अवधेश कुमार पाण्डेय (एडीजीसी) ने तर्क प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों और तर्कों पर विचार करने के बाद, कोर्ट ने विजय कुमार सरोज को दोषी करार दिया और उपरोक्त सजा सुनाई।

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