चंदौली के बरियारपुर गांव में सोमवार को किसान विकास मंच का स्थापना दिवस ‘किसान पर्व’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता किसान नेता और प्रगतिशील किसान रतन कुमार सिंह ने किसानों को बढ़ती लागत सामग्री का सामना करने के लिए सहकारिता अपनाने का सुझाव दिया। रतन कुमार सिंह ने कहा कि हर किसान महंगे कृषि यंत्र नहीं खरीद सकता। उन्होंने किसानों को जागरूक करने के लिए बौद्धिक प्रकोष्ठ बनाने का सुझाव दिया, ताकि किसानों की चेतना विकसित हो सके और वे सही दिशा में संघर्ष कर सकें। किसान श्याम बिहारी सिंह ने भारत के बाजार में अमेरिकी सरकार के दबाव पर कृषि उत्पाद और प्रसंस्कृत माल मंगाने के समझौते पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों को बर्बाद कर देगा और अमेरिकी साम्राज्य के फरमान पर भारत सरकार द्वारा तेल खरीदने-बेचने का काम देश की स्वतंत्रता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। बिहार राज्य से आए किसान नेता अभिमन्यु सिंह ने भारत माला एक्सप्रेस-वे निर्माण में किसानों की धान की फसल रौंदे जाने और आज तक मुआवजा न मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पीड़ित किसान हाई कोर्ट का चक्कर लगा रहे हैं। अभिमन्यु सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को भूमिहीन बनाने की गहरी साजिश कर रही है। किसान नेता सुमंत सिंह अन्ना ने बताया कि बरहनी ब्लॉक में छह हजार हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करने की योजना को किसान आंदोलन ने वापस करा दिया था। किसान विकास मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून सरकार नहीं बना रही है, जो किसान के साथ विश्वासघात है और एमएसपी का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित पहलवान राजेंद्र सिंह ने कहा कि वे किसान के बेटे होने के चलते ही पहलवान बने हैं। उन्होंने किसान परिवार में जन्म लेने पर गर्व व्यक्त किया और संगठन को आर्थिक सहयोग करने का वचन दिया। इस दौरान राम अध सिंह, बंधू पाल, कृपाशंकर पटेल, सरोज कुमार, जवाहरलाल यादव, दिनेश यादव, प्रियानंद पांडेय, राजनाथ सिंह, चंद्र सुधीर सिंह, रवीन्द्र नाथ सिंह, सुनील सिंह, धीरज सिंह, ओमप्रकाश सिंह, इंद्रदेव यादव, केशव विश्वकर्मा, अयूब खान, शैलेश कुमार सिंह और शमशेर बहादुर सिंह सहित कई किसान नेता और सदस्य मौजूद रहे।

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