चंदौली में सशस्त्र केंद्रीय पुलिस बल (CAPF) का फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट पकड़ा गया। वह बर्थडे पार्टी के लिए एसपी को इनविटेशन कार्ड देने पहुंचा। कार्ड देकर उन्हें परिवार समेत आने का न्योता दिया। एसपी आदित्य लांग्हे को युवक को देखकर शक हुआ। एसपी ने पूछा- आपकी पोस्टिंग कहां है? इस पर आरोपी रूपेश उपाध्याय घबरा गया। एसपी ने शक होने पर युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सदर कोतवाली भेजकर जांच कराई। जिसमें युवक फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट निकला। पूछताछ में रूपेश ने बताया कि दोस्तों से उसने शर्त लगाया था कि वह अपने जन्मदिन पर बड़े-बड़े नेताओं और अफसरों को बुलाएगा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। मामला बुधवार का है। अब पढ़िए पूरा मामला… फोन में फर्जी ID कार्ड की तस्वीर मिली
25 मार्च को आरोपी एसपी के पास जन्मदिन का इनविटेशन कार्ड लेकर पहुंचा था। एसपी ने युवक की गतिविधियों को देखते ही संदेह जताया। उसे सदर कोतवाली भेजकर जांच कराई। युवक के पास असिस्टेंट कमांडेंट होने का कोई सबूत नहीं था। उसके पास ID कार्ड की फोटो कॉपी थी। मोबाइल की गैलरी में फर्जी आईडी कार्ड की तस्वीर भी मिली। जिस देखने से ही सच्चाई समझ में आ गई। युवक ने जन्मदिन के इनविटेशन कार्ड में डीएम चंद्रमोहन गर्ग और मुख्य सचिव एसपी गोयल को मुख्य अतिथि के रूप में दिखाया था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने सभी फर्जी दस्तावेज ChatGPT की मदद से बनाए थे। पुलिस ने आरोपी रूपेश उपाध्याय के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाने, धोखाधड़ी और गुमराह करने का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के सामने अपनी गलती मानी
आरोपी के रिश्तेदार अशोक उपाध्याय ने बताया- रूपेश ने अपने दोस्तों से शर्त लगाया और बर्थडे के लिए इनविटेशन कार्ड छपवाया। कार्ड पर डीएम तथा मुख्य सचिव का नाम चीफ गेस्ट के रूप में प्रिंट कराया। सदर कोतवाल विजय बहादुर सिंह ने बताया- आरोपी थाना परिसर में पहुंचते ही पूछताछ में अपनी गलती मनाने लगा। इसके बाद आरोपी के परिजनों को उसके बारे में सूचित किया गया। परिवार के लोग मान सम्मान के डर से बार-बार उसके अपराध को सार्वजनिक नहीं करने की अपील करते रहे। एसपी के जनसंर्पक अधिकारी गगन राज सिंह ने बताया- युवक खुद को असिस्टेंट कमांडेंट बताते हुए एसपी से मिलने आया था। युवक के बातचीत का तरीका देखकर एसपी को शक हुआ। वह हडबड़ी में था। बर्थडे का कार्ड देकर जल्दी में लौटने का प्रयास कर रहा था। एसपी आदित्य लांग्हे ने सदर कोतवाली पुलिस को सूचना देकर युवक को सौंप दिया था। ——————————- ये खबर भी पढ़िए- शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक रोक:बटुकों से यौन शोषण केस में हाईकोर्ट का फैसला, इंटरव्यू देने पर रोक लगाई शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की जमानत बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं होगी। यह फैसला हाईकोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने दोपहर बाद 3.45 बजे सुनाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को जमानत देते हुए शर्तें भी लगाई हैं। पढ़ें पूरी खबर

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