चंदौली में सीएपीएफ (सशस्त्र केंद्रीय पुलिस बल) का फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट बनकर एसपी को बर्थडे का निमंत्रण देने पहुंचा। एसपी से मिलकर युवक ने कार्ड देते हुए कहा- सर 28 मार्च को जन्मदिन पार्टी का आयोजन किया है। आपको परिवार के साथ पार्टी में आना है। युवक को देखकर एसपी आदित्य लांग्हे को देखकर शक हुआ। एसपी ने पूछा, कहा पर पोस्टिंग है, आरोपी रूपेश उपाध्याय घबरा गया। एसपी ने शक होने पर युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सदर कोतवाली भेजकर जांच कराई। जिसमें युवक फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट निकला। पुलिस ने अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप में युवक को गिरफ्तार किया। युवक की गतिविधियों पर संदेह 25 मार्च को आरोपी एसपी के पास जन्मदिन का निमंत्रण कार्ड लेकर पहुंचा था। एसपी ने युवक की गतिविधियों को देखते ही संदेह जताया। उसे सदर कोतवाली भेजकर जांच कराई। जांच में युवक की पोल खुल गई। मोबाइल की गैलरी में फर्जी आईडी कार्ड की तस्वीर भी मिली। युवक ने जन्मदिन के निमंत्रण में डीएम चंद्रमोहन गर्ग और मुख्य सचिव एसपी गोयल को मुख्य अतिथि के रूप में दिखाया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने सभी फर्जी दस्तावेज ChatGPT की मदद से बनाए थे। इन्हें कभी रॉ एजेंट, कभी असिस्टेंट कमांडेंट बताकर लोगों को गुमराह करता था। पुलिस ने आरोपी रूपेश उपाध्याय के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज बनाने, धोखाधड़ी और अफसरों को गुमराह करने का मुकदमा दर्ज किया। आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया।
आरोपी के परिवार के अशोक उपाध्याय ने बताया- रूपेश ने बातचीत के दौरान अपने दोस्तों से शर्त लगाया था कि वह अपने जन्मदिन पर बड़े-बड़े नेताओं तथा अफसरों को आमंत्रित करेगा। इसके बाद उसने जन्मदिन का निमंत्रण पत्र छपवाया और कार्ड पर डीएम तथा अन्य अफसरों का नाम चीफ गेस्ट के रूप में प्रिंट कराया।
एसपी के जनसंर्पक अधिकारी गगन राज सिंह ने बताया- युवक खुद को असिस्टेंट कमांडेंट बताते हुए एसपी से मिलने गया था। युवक के बातचीत का तरीका देखकर एसपी को शक हुआ। बातचीत के दौरान युवक हडबड़ी में था। बर्थडे का कार्ड देकर जल्दी में लौटने का प्रयास कर रहा था। एसपी आदित्य लांग्हे ने सदर कोतवाली पुलिस को सूचना देकर युवक को सौंप दिया। ——————————- ये खबर भी पढ़िए- शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक रोक:बटुकों से यौन शोषण केस में हाईकोर्ट का फैसला, इंटरव्यू देने पर रोक लगाई शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की जमानत बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं होगी। यह फैसला हाईकोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने दोपहर बाद 3.45 बजे सुनाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को जमानत देते हुए शर्तें भी लगाई हैं। सबसे अहम शर्त यह है कि दोनों पक्ष (शंकराचार्य और आशुतोष) मीडिया में बयानबाजी नहीं करेंगे और इंटरव्यू नहीं देंगे। शंकराचार्य के विदेश जाने पर भी रोक है। पढ़ें पूरी खबर

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