चंडीगढ़ में जिला अदालत की आईडी का गलत इस्तेमाल कर लाखों रुपए को ठगी कर ली गई। इसका पता तब चला, जब कुछ चालान सामने आए, जिनका ऑनलाइन निपटान तो दिखाई दे रहा था, लेकिन कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। कोर्ट के डिस्पोजल रजिस्टर में भी इनकी कोई एंट्री नहीं मिली। इसके बाद ऑनलाइन निपटान किए गए और चालान की डिटेल खंगाली गई तो संख्या बढ़ती चली गई। मामला चीफ जस्टिस मजिस्ट्रेट सचिन यादव के संज्ञान में लाया गया। चीफ जस्टिस मजिस्ट्रेट ने इसे गंभीर मामला मानते हुए चंडीगढ पुलिस को पत्र लिखकर कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद मामले में कार्रवाई करते हुए थाना 36 पुलिस स्टेशन ने एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यदि इस केस में पुलिस को कोर्ट के किसी कर्मचारी पर शक हुआ तो उसे पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। यहां जानिए क्या है चालान और कैसे सामने आया फर्जीवाड़ा… एक साल पहले पकड़ा गया था ट्रैफिक पुलिस का फर्जीवाड़ा —————————-
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने काटा चालान:दीपक जनरल स्टोर के खाते में गया पेमेंट; युवक बोला- यह कौन सा रेवेन्यू मॉडल चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने एक व्यक्ति का गलत लेन का चालान काट दिया और गूगल पे स्कैनर से चालान की रकम भी ले ली, लेकिन रकम दीपक जनरल स्टोर के खाते में चली गई। ट्रैफिक पुलिस ने जिस शख्स का चालान काटा है, उसका कहना है कि उसे समझ नहीं आ रहा कि ये कौन सा रेवेन्यू मॉडल है। (पूरी खबर पढ़ें)
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