घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव राय ने संसद में नियम 377 के तहत मऊ में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की मांग की है। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर करते हुए कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सांसद राय ने सदन में स्पष्ट किया कि यदि सरकार को भूमि उपलब्ध कराने में कोई समस्या आती है, तो वह स्वयं जमीन खरीदकर सरकार को देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर वह अपनी निजी संपत्ति बेचने से भी पीछे नहीं हटेंगे। राजीव राय ने बताया कि मऊ में एम्स बनने से न केवल जिले बल्कि आसपास के बलिया, गाजीपुर और आजमगढ़ के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसके अतिरिक्त, बिहार के सीमावर्ती जिलों जैसे बक्सर के मरीजों को भी लाभ होगा। वर्तमान में पूर्वांचल में केवल गोरखपुर में एम्स है, जो मऊ से काफी दूरी पर स्थित है। इससे मरीजों को इलाज के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सांसद ने यह भी बताया कि मऊ में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है, लेकिन यहां ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाओं का अभाव है। एम्स की स्थापना से आपातकालीन सेवाएं मजबूत होंगी और क्षेत्र में मृत्यु दर में कमी आएगी। स्थानीय नागरिकों ने सांसद की इस मांग का व्यापक समर्थन किया है और इसे क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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