घाटमपुर क्षेत्र के परास गांव में चैत्र नवरात्रि के नौ दिवसीय पर्व का समापन शुक्रवार को गहरी आस्था और भावुक माहौल के बीच हुआ। मां दुर्गा की विधि-विधान से आराधना के बाद श्रद्धालुओं ने नम आंखों से माता को विदाई दी। अंतिम दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और कन्या पूजन का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। राम नवमी के पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से जवारा-सांग लेकर शोभायात्राएं निकालीं। ग्रामीण अंचलों में बुजुर्गों ने ढोलक और मंजीरे की थाप पर बुंदेलखंडी अचरी गाते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया। “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयकारों से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा। नगर स्थित कूष्मांडा देवी मंदिर, भद्रकाली मंदिर और नगेली माता मंदिर समेत सभी देवी स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। देर शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा। परास गांव के प्राचीन शेषावतार मंदिर में भी रामनवमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालु जवारा-सांग लेकर मंदिर परिसर में एकत्र हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में लगे मेले ने उत्सव को और भी जीवंत बना दिया। बच्चों और महिलाओं ने पूजा के बाद मेले का आनंद लिया। दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई, वहीं बच्चों ने झूलों का भरपूर लुत्फ उठाया।

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