क्या धतूरा खाने से लोग मर जाते हैं? धतूरा खाकर मौत आने में कितना समय लगता है? चूहा मारने की दवा खाकर सुसाइड किया जा सकता है या नहीं? फिनाइल पीने से जान जाती है या सिर्फ तबियत खराब होती है? ये सवाल किसी फिल्म की स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं बल्कि उस बच्चे की गूगल हिस्ट्री में मिले खतरनाक सवाल हैं, जो पिछले चार दिनों से अपने घर से लापता है। गोपालगंज के रहने वाले निखिल गुप्ता(18) ने 16 फरवरी की रात 10 से 12 बजे के बीच सिर्फ दो घंटे में मौत से जुड़े 5-6 सर्च किए। निखिल के मोबाइल की ब्राउजिंग हिस्ट्री से पुलिस को ये जानकारी मिली है। अगली सुबह, 17 फरवरी को निखिल बिना किसी को कुछ बताए घर से निकल गया। उसी दिन से उसकी इंटर की परीक्षा भी शुरू होने वाली थी। लेकिन एग्जाम सेंटर पहुंचने की जगह वह घर छोड़कर चला गया। हालांकि, भागने से पहले उसने अपनी मां के नाम पर एक चिट्ठी छोड़ दिया था। इसमें उसने लिखा, वह संन्यासी जीवन जीने के लिए घर छोड़ रहा है। मामले को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन निखिल का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक के CCTV खंगाल चुकी है, लेकिन निखिल कहीं नजर नहीं आया। घटना गोपालगंज के कटेया थाना क्षेत्र के पकड़ी मिश्राइन गांव की है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… इंदर एग्जाम के कुछ घंटे पहले घर से भागा छात्र चाचा सुदर्शन ने बताया, निखिल बचपन से ही शांत लड़का था। वो ज्यादा किसी से बात नहीं करता था। सिर्फ पढ़ाई में मग्न रहता था। निखिल CBSE बोर्ड का स्टूडेंट था। 10वीं में उसने 93% लाया था। वहीं, 17 फरवरी से उसका इंटर का एग्जाम शुरु होने वाला था। मौसम के बदलाव के कारण 2 दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। सोमवार(16 फरवरी) की रात उसने सिर्फ एक रोटी खाया और अपने कमरे में सोने चला गया। देर रात 2 बजे के करीब उसकी मां रीता देवी निखिल के कमरे में गई तो वो सुकून से सो रहा था। इसके बाद वो वापस अपने कमरे में आकर सो गईं। सुबह 3 बजे घर से गायब हुआ निखिल मंगलवार की सुबह 5 बजे भाभी निखिल को उठाने के लिए उसके कमरे में गई। इस दौरान उन्होंने देखा वो अपने बेड पर नहीं था। भाभी घर से बाहर निकलकर देखी, पड़ोसियों से पूछताछ की, रिश्तेदारों से भी फोन पर निखिल के कहीं आने-जाने के बारे में पूछा। लेकिन मेरा भतीजा कहीं नहीं मिला। इसके बाद मंगलवार की देर शाम तक जब निखिल कहीं नहीं मिला तो हमलोग थाने पहुंचे। वहां हमने पुलिस से FIR लिखने के लिए कहा, लेकिन पुलिस ने कहा- अभी 24 घंटे नहीं हुए हैं। 24 घंटे में घर आ जाएगा लड़का अगर वो 24 घंटे तक घर नहीं आया, तो FIR लिखवा दीजिएगा। पुलिस ने आगे कहा, जवान लड़का है किसी बात से आहत होकर घर छोड़कर भाग गया होगा। 24 घंटे के अंदर वो फिर वापस घर आ जाएगा। चाचा सुदर्शन ने आगे बताया, घटना के दूसरे दिन हमने 18 फरवरी को थाने में FIR दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। निखिल के घर से गए हुए 4 दिन हो गए हैं, वो कहीं नहीं मिल रहा है। वहीं, पुलिस ने जांच के दौरान भतीजा का फोन भी खंगाला है। इसमें से उसके गूगल हिस्ट्री से सुसाइड करने के कई सर्च मिले हैं। निखिल का पहला सर्च- कितने घंटे में कोई मर सकता है रात करीब 10:15 बजे उसने गूगल पर टाइप किया, कितने घंटे में कोई इंसान मर सकता है? इसके 2 मिनट के पाउज के बाद उसने सर्च किया, क्या खाकर जल्दी मर सकते हैं?कुछ समय बाद उसने तीसरा सर्च किया बिना दर्द के कोई मर सकता है क्या? उसने 2 घंटे के अंदर लगातार 5-6 बार मौत के तरीके खोजता रहा। जल्दी सोने चला गया था बेटा वहीं, निखिल की मां रीता देवी ने बताया, 16 फरवरी की सुबह से उसकी तबीयत खराब थी। शाम में उसे दवाई लेने के लिए बाहर भेजा था। रात 9 बजे बेटे को मैंने अपनी हाथों से खाना खिलाया। इसके बाद उसे दवाई दी और सोने के लिए बोल दिया। रात 10 बजे बेटा अपने कमरे में जाकर सो गया। इसके बाद पूरे घरवाले रात करीब 11 बजे अपने-अपने कमरे में जाकर सो गए। रात 2 बजे मेरी नींद खुली। मैंने सोचा बेटे को देख आती हूं। अभी उसकी तबीयत कैसी है। मैं जब उसके कमरे में गई तो वो सो रहा था। उसका फीवर चेक किया, इसके बाद मैं अपने कमरे में चली गई। एक घंटे बाद मुझे दरवाजा खुलने की आवाज आई, लेकिन मैं सोची कोई बाथरूम जाने के लिए उठा होगा। मैंने उस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और सो गई। रीता देवी ने आगे बताया, सुबह 5 बजे मैं उसे उठाने के लिए बेटे के कमरे में गई। जैसे ही मैं कमरे में घुसी वो वहां नहीं था। मैंने सोचा बाहर बैठकर पढ़ रहा होगा। मैं बाहर गई, लेकिन वो वहां भी नहीं मिला। इसके बाद मैंने आस पड़ोस के लोगों से बात की। किसी ने भी मेरे बेटे को जाते हुए नहीं देखा था। हमने अपने-अपने रिश्तेदारों को फोन किया, निखिल के आने के बारे में पूछा लेकिन वो वहां भी नहीं गया था। मुझे अपनी जिंदगी जी लेने दो मम्मी- निखिल इसके बाद हमलोग निखिल के कमरे में पहुंचे। वहां देखा तो उसने मेरे नाम एक लेटर छोड़ा था। उसमें उसने लिखा था, ‘प्रिय मम्मी तुम्हारा बेटा निखिल इस घर को छोड़कर कहीं दूर जा रहा है। सन्यासी जीवन बीताने जा रहा हूं। मम्मी मेरे जीवन में बहुत कष्ट है, जो मैं तुम्हें बता नहीं सकता हूं। मेरे जाने के बाद तुम्हें और नाना को बहुत कष्ट होगा। तुम्हारे दो और बच्चे हैं। वो तुमलोगों का ख्याल रखेंगे। मम्मी मेरी तुमसे विनती है कि मेरी जिंदगी मुझे जी लेने दो। मैं जहां भी रहूंगा ठीक रहूंगा। तुमलोग अपना ख्याल रखना। इस चिट्ठी के बारे में तुम्हारे और पापा के अलावा किसी को पता नहीं चलना चाहिए। मैं तुम्हारे पैसे में से 600 रुपए लेकर जा रहा हूं। तुम्हारा बेटा निखिल…’ घंटों प्रेमानंद महाराज जी का सुनता था प्रवचन वहीं, रीता देवी ने आगे बताया, निखिल पिछले कुछ महीनों से अध्यात्म की ओर तेजी से आकर्षित हो रहा था। वह अक्सर प्रेमानंद महाराज का वीडियो देखता था, ध्यान करता था और अकेले में घंटों मोबाइल पर प्रवचन सुनता रहता था। कितनी बार उसने मुझसे आकर कहा है, मां तुम भी प्रेमानंद महाराज का प्रवचन सुना करो। उससे अच्छा लगता है। प्रेमानंद महाराज जी 9 साल की उम्र में सन्यासी बन गए थे। इनलोगों का जीवन बहुत अच्छा होता है। कोई कष्ट नहीं रहता है। रीता आगे बोलीं, मैंने निखिल से पूछा भी था कि तुम्हें सन्यासी बनना है क्या तो उसने कहा था नहीं मैं तो आपलोगों का ध्यान रखूंगा। बता दें कि निखिल के पिता को पैरालाइसिस है। वो कुछ नहीं कर पाते हैं। निखिल ही उनका आखिरी सहारा है। कटेया थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया, लापता छात्र के मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन मिलने के बाद मामला 103 /26 कांड संख्या दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया, पुलिस थाना क्षेत्र के अलावा यूपी पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा। युवक का घर UP-बिहार के बॉर्डर पर है। वहीं, उसके मोबाइल से गूगल सर्च में सुसाइड को लेकर भी सर्च किया गया था। इसको लेकर भी छानबीन की जा रही है। वहीं, जिस ऑटो से युवक ऑटो से गया था, उनसे भी पूछताछ की गई है। ऑटो वाले ने बोला सुबह 4 बजे वो मेरे ऑटो में बैठा और वहां से यूपी की तरफ गया था।
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