उत्तर प्रदेश सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाएं अब जमीनी स्तर पर प्रभावी दिख रही हैं। बघरा ब्लॉक के सैदपुरा गांव की प्रतिभा कश्यप इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं, जिन्होंने घरेलू हिंसा के बाद भी हार नहीं मानी और सरकारी योजनाओं के सहारे अपना व्यवसाय खड़ा किया। एक सिंगल मदर के रूप में प्रतिभा को जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। शादी के कुछ समय बाद घरेलू हिंसा के कारण उनका वैवाहिक जीवन समाप्त हो गया और दो बच्चों की जिम्मेदारी उन पर आ गई। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। इसी दौरान उनकी मुलाकात डॉ. सविता आर्य से हुई, जिन्होंने उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रतिभा ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अपने घर पर ही एक छोटी उत्पादन इकाई स्थापित की। इस इकाई में वे डिटर्जेंट पाउडर, नहाने के साबुन, हैंडवॉश, टॉयलेट क्लीनर और फिनायल जैसे उत्पाद तैयार करती हैं। उनके उत्पाद हर्बल और किफायती होने के कारण स्थानीय बाजार में अच्छी मांग रखते हैं। महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा का स्रोत आज प्रतिभा कश्यप एक डीआरपी (डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन) और मास्टर ट्रेनर के रूप में भी कार्यरत हैं। उनके साथ लगभग 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो अचार, मुरब्बा निर्माण सहित विभिन्न कार्यों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं। कई महिलाएं उनके उत्पादों की बिक्री करके भी आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। प्रतिभा का कहना है कि सरकार की योजनाओं और सही मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। वे अन्य महिलाओं से भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील करती हैं। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।

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