एटा में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला पूर्ति विभाग सक्रिय है। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी के के गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम ने जनपद के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, स्वीट शॉप और मैरिज होम पर सघन छापेमारी की। इस अभियान का उद्देश्य घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकना और उपभोक्ताओं को समय पर गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। छापेमारी अभियान के दौरान पूर्ति निरीक्षकों और अन्य संबंधित अधिकारियों की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडर का प्रयोग व्यावसायिक गतिविधियों में न किया जा रहा हो। टीम ने विशेष रूप से ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच की जो बड़े पैमाने पर रसोई गैस का उपयोग करते हैं।
जांच के दौरान अधिकांश प्रतिष्ठानों पर व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का उपयोग पाया गया। वहीं, कुछ स्थानों पर कोयला और लकड़ी का इस्तेमाल कर कार्य संचालित किया जा रहा था। अधिकारियों ने सभी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए न किया जाए। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान घरेलू गैस सिलेंडर का दुरुपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। यह कार्रवाई कालाबाजारी और अवैध उपयोग को रोकने के लिए की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जनपद में गैस आपूर्ति की लगातार निगरानी की जा रही है। गैस एजेंसियों पर जाकर मांग और आपूर्ति की नियमित जांच की जा रही है, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सभी गैस एजेंसियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि रिफिल बुकिंग के बाद एलपीजी वितरक द्वारा होम डिलीवरी के माध्यम से सिलेंडर पहुंचाया जा रहा है, इसलिए गैस एजेंसी या उसके गोदाम के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं। उन्होंने नागरिकों से यह भी अनुरोध किया कि यदि कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग या कालाबाजारी की सूचना मिले, तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके

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