देवरिया के लार विकास खंड की ग्राम पंचायत ठाकुर गौरी के ग्राम प्रधान अवधेश राजभर पर शासकीय धनराशि के दुरुपयोग और गबन का आरोप लगा है। इस मामले में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रधान से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह कार्रवाई ग्राम निवासी शनि कुमार की शिकायत के आधार पर हुई जांच रिपोर्ट के बाद की गई है। जिला कृषि अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता द्वारा की गई जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों में धनराशि खर्च दिखाकर कार्य अधूरे छोड़े गए या कराए ही नहीं गए। रिपोर्ट में आरोप है कि पंचायत भवन का निर्माण कार्य अधूरा है, जबकि दरवाजा, प्लंबिंग और सेप्टिक टैंक के नाम पर लगभग 23 हजार रुपये खर्च दर्शाए गए। इसी तरह, आंगनबाड़ी भवन में टाइल्स और सेप्टिक टैंक निर्माण के नाम पर 38,376 रुपये का व्यय दिखाया गया, लेकिन मौके पर कोई कार्य नहीं मिला। इसके अतिरिक्त, सरकारी हैंडपंपों के रिबोर और मरम्मत के नाम पर 30,200 रुपये खर्च दर्शाए गए, जबकि अधिकांश हैंडपंपों का कार्य नहीं कराया गया था। परिवार रजिस्टर अपडेट के लिए 26,620 रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन जांच के दौरान रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे रिकॉर्ड छुपाने की आशंका जताई गई। वहीं, पोखरी सफाई का कार्य भी अधूरा पाया गया। जांच में प्रथम दृष्टया कुल 1,18,196 रुपये के दुरुपयोग और गबन की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित 15 दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आरोपों को स्वीकार मानते हुए आधी धनराशि यानी 59,098 रुपये की वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी और आगे विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस की प्रति तामील कराने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

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