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ग्राइंडर ऐप से फंसाकर युवाओं को लूटने वाला गैंग एक्टिव:विदेश तक नेटवर्क, 15 करोड़ से अधिक यूजर्स; लखनऊ में 5 गिरफ्तार
लखनऊ में ग्राइंडर (Grindr) डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती कर मिलने के बहाने बुलाकर लूट करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 16 मार्च को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने कई वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है, जिसके बाद पुलिस अब संबंधित मामलों की जांच में जुटी है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस तरह के अपराध में एक से अधिक गैंग सक्रिय हैं। विदेश में भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। कहां तक फैला है इनका नेटवर्क ? कितने लोगों को बना चुके हैं निशाना ? कैसे बनाते हैं शिकार ? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए क्या था मामला ? अलीगंज थाने में दो मुकदमे दर्ज कराए गए। दोनों मामलों में बताया कि एक युवक ने ग्राइंडर ऐप से दोस्ती की। मिलने के बहाने बुलाया और सोने की चेन लूट ली। पास रखा कैश और यूपीआई से काफी रुपए ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने मामलों की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान शक्ति नगर इंदिरा नगर निवासी खालिद अहमद (23), सर्वोदय नगर गाजीपुर निवासी देवकरण सिंह (23), अलीगंज निवासी आकाश पांडे (21), पूर्वांचल नगर सर्वोदय नगर निवासी सुभाष रावत (21) व एक नाबालिग पकड़ा गया। 190 देशों में ऑपरेट होता है ये ऐप पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। ये गिरोह ग्राइंडर ऐप का इस्तेमाल करता था, जो लोकेशन के आधार पर प्रोफाइल दिखाता है। यह ऐप दुनिया के करीब 190 देश में संचालित होता है। इसके 14-15 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। भारत में भी यह ऐप खासकर कुछ कम्युनिटीज के बीच काफी लोकप्रिय है। पुलिस की मानें तो आरोपी इस ऐप के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। फिर मिलने के बहाने बुलाकर वारदात को अंजाम देते थे। ऑस्ट्रलिया तक फैला ठगी का नेटवर्क पुलिस जांच में ये भी सामने आया कि इस तरह के कई गिरोह एक्टिव हैं, जो ऑस्ट्रेलिया तक ठगी की घटना को अंजाम दे रहे हैं। वहां भी इस ऐप के जरिए ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। आरोपी लखनऊ और इससे सटे कई जिलों में इस तरह की घटना को अंजाम दे चुके हैं। अब स्वत: संज्ञान लेकर पुलिस दर्ज करेगी मुकदमे पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपियों ने कई घटनाओं का खुलासा किया, जिसके जरिए पुलिस अब उन पीड़ितों तक पहुंच रही है, जो इसके शिकार हुए हैं। अब उनसे मुकदमा दर्ज कराकर विवेचना में जोड़ा जाएगा। पुलिस का दावा है कि इस तरह के कई गैंग सक्रिय है, जो ग्राइंडर या किसी अन्य ऐप के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। अलीगंज थाने में इस मामले के बाद एक अन्य मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, वे आरोपी दूसरे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगी है। पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं 25 फरवरी 2026 को निशातगंज न्यू हैदराबाद स्थित कालाकांकर कॉलोनी में रहने वाले एक इवेंट ऑर्गेनाइजर के साथ ऐसी ही घटना हो गई। ऑर्गेनाइजर ने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल पर ग्राइंडर ऐप के जरिए एक युवक का कॉल आया। कॉल करने वाले ने डेकोरेशन के काम के सिलसिले में मिलने की बात कही। वह शाम को हजरतगंज बोट क्लब के पास पहुंच गए। वहां मिले युवक ने बातचीत के लिए उन्हें गोमती नदी किनारे चलने को कहा। जैसे ही वह उसके साथ वहां पहुंचे, पहले से मौजूद अपने साथियों के साथ उसने बंधक बना लिया। आरोपियों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और अंधेरा होने पर मोबाइल की टॉर्च जलाकर चेहरे पर कई वार किए। आरोपी सोने की चेन और पर्स लूटकर मौके से फरार हो गए। टीचर को बना चुके निशाना गाजीपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले 50 साल के अविवाहित टीचर घर में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं। उनके पिता की मौत हो गई थी। जिसके बाद अकेलापन दूर करने के लिए टीचर ने ग्राइंडर ऐप सर्च कर अपनी प्रोफाइल बनाई। डेटिंग एप पर ही एक युवक से उनकी पहचान हुई। कई दिनों तक चैटिंग के बाद उनके बीच मुलाकात होनी तय हुई। टीचर ने पता देते हुए उसे अपने घर बुलाया। वह टीचर के घर पहुंचा। दोनों कमरे में बैठ कर बात कर रहे थे। इस बीच ऐप के जरिए दोस्त बने युवक ने साथी को कॉल किया। कुछ देर बाद एक और युवक भी टीचर के घर पहुंच गया। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उनकी आंख में पट्टी बांधकर मुंह और हाथ भी बांध दिए। उनकी पिटाई शुरू कर दी। मारपीट करते हुए उनसे घर में रखे जेवर और रुपयों के बारे में पूछा। जवाब नहीं देने पर पिटाई कर टीचर से अलमारी की चाबी छीन ली। अलमारी में रखे करीब 3 लाख रुपए और पर्स लूट लिए।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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