गोरखपुर में जीआरपी ने सराहनीय काम करते हुए पिछले दो महीनों में 230 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई जीआरपी की सर्विलांस सेल और पुलिस टीम के संयुक्त प्रयास से संभव हो सकी। इस अभियान का संचालन पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी और पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ रामकृष्ण भारद्वाज के निर्देशन में किया गया। वहीं, गोरखपुर में पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सवि रत्न गौतम तथा गोरखपुर के पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार सिंह की निगरानी में पूरी टीम ने काम किया। सर्विलांस सेल की टीम, जिसमें हेड कांस्टेबल सुन्दर सिंह, कांस्टेबल बृजेश यादव और विकास कुमार राय शामिल रहे, ने गोरखपुर के थानों और चौकियों की टीम के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों और अन्य राज्यों से इन मोबाइल फोन को खोज निकाला। बरामद किए गए मोबाइलों की कीमत की बात करें तो ज्यादातर फोन 25 से 30 हजार रुपये के बीच के हैं, जबकि कुछ की कीमत 60 हजार रुपये तक है। सभी 230 मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है। गोरखपुर के पुलिस अधीक्षक रेलवे कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित कर इन सभी मोबाइलों को उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया गया। लंबे समय बाद अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोग काफी खुश नजर आए और उन्होंने GRP पुलिस की जमकर तारीफ की। पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के नेतृत्व में सर्विलांस सेल ने मई 2025 से अब तक करीब 1000 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस सराहनीय कार्य के लिए सर्विलांस टीम को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 15,000 रुपये का नगद पुरस्कार भी दिया गया।

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