गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता और राष्ट्र प्रथम की भावना को मजबूत करने के लिए अपनी कार्ययोजना को स्पष्ट किया है। शुक्रवार को विश्व संवाद केंद्र में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि शाखा के माध्यम से व्यक्ति निर्माण होता है और संस्कारित व्यक्ति ही समाज व राष्ट्र परिवर्तन का आधार बनता है। डॉ. महेंद्र अग्रवाल और सह प्रांत कार्यवाह वीरेंद्र ने हरियाणा के समालखा में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन के विस्तार, समाज की सज्जन शक्ति की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। संत रविदास के संदेश से एकता पर बल
प्रेसवार्ता में बताया गया कि संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर समाज को जाति और वर्ग के विभाजन से ऊपर उठकर एकात्मता के लिए काम करने का संदेश दिया गया है। संघ ने समाज से महापुरुषों के कार्यों को भेदभाव से परे स्वीकार करने का आह्वान किया। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान वर्ष पर देशभर में 2000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्र प्रथम और सामाजिक दायित्व की भावना को बढ़ावा मिला। गोरक्ष प्रांत में शाखाओं का मजबूत विस्तार
उन्होंने बताया कि गोरक्ष प्रांत में संगठन का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। अक्टूबर 2025 में जहां 1415 स्थानों पर 2269 शाखाएं थीं, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर 1859 स्थानों पर 2517 शाखाएं हो गई हैं। गोरखपुर महानगर के 20 नगरों में 217 शाखाएं संचालित हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 1839 स्थानों पर 2300 शाखाएं लग रही हैं। संघ ने शताब्दी वर्ष के तहत 27 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक 3167 स्थानों पर 3564 शाखाएं लगाने का लक्ष्य तय किया है। इस दौरान 4000 प्रवासी कार्यकर्ता भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे और अधिकतम स्वयंसेवकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। गृह संपर्क अभियान से घर-घर पहुंच
संघ द्वारा नवंबर 2025 में चलाए गए गृह संपर्क अभियान के तहत 10 हजार से अधिक गांवों और 650 नगरीय बस्तियों में संपर्क किया गया। इस अभियान में 5 लाख 34 हजार से अधिक घरों तक पहुंच बनाई गई, जिससे संगठन के विचारों का व्यापक प्रसार हुआ। प्रांत में 1378 स्थानों पर आयोजित हिंदू सम्मेलनों में लगभग 12 लाख लोगों की भागीदारी रही। वहीं सामाजिक सद्भाव बैठकों में 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए, जिससे समाज में सकारात्मक सोच और समरसता को बढ़ावा मिला। युवाओं पर विशेष फोकस, अभियान की तैयारी
संघ ने बताया कि शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम आगामी विजयादशमी तक जारी रहेंगे। इसके अलावा 16 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक युवाओं में राष्ट्रबोध और संगठन से जुड़ाव बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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