गोरखपुर में मंगलवार को एलपीजी सिलेंडर की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही। यहां लोगों की भारी भी देखने को मिली। शहर की अलग-अलग गैस एजेंसियों पर अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं। कहीं लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, तो कहीं भीड़ अपेक्षाकृत कम दिखी। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोल्डन गैस एजेंसी पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। लोग घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। यहां सिर्फ उन्हीं लोगों को आसानी से गैस मिल रही थी। जिनका DAC नंबर आ चुका था। फिलहाल 26 तारीख तक बुकिंग कराने वालों को ही सिलेंडर दिया जा रहा है, जिससे बाकी लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासी एजाज अहमद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा कोई सरकारी नियम नहीं है, फिर भी तारीख तय कर दी गई है, जिससे लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। इस मामले में एजेंसी के मैनेजर विवेक तुली ने सफाई देते हुए कहा कि मेरे पास 600 से ज्यादा सिलेंडर उपलब्ध हैं, जो वितरण के लिए पर्याप्त हैं। उन्होंने बताया कि होम डिलीवरी भी की जा रही है और “फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट” के आधार पर 26 तारीख तक बुकिंग वालों को गैस दी जा रही है। साथ ही उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील की। वहीं, गंगा गैस एजेंसी पर भी हालात कुछ अलग नहीं थे। यहां भी सुबह तड़के से ही लंबी लाइनें लग गईं। कई लोग सुबह 5 बजे से लाइन में लगे रहे, लेकिन दोपहर 11 बजे तक भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया। लाइन में खड़ी शुभ्रा रईस ने बताया कि वह सुबह से इंतजार कर रही हैं, लेकिन अब तक गैस नहीं मिली। एजेंसी पर दो अलग-अलग लाइनें लगी थीं—एक आज आने वालों की और दूसरी उन लोगों की, जिन्हें पिछले दिन गैस नहीं मिल पाई थी। इससे भीड़ और बढ़ती जा रही थी। तेज धूप के बीच बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग छाता और गमछे का सहारा लेकर लाइन में खड़े नजर आए। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गंगा गैस एजेंसी के मैनेजर धनंजय राय ने बताया कि मेरे यहां पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जैसे पहले पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों में घबराहट फैली थी, वैसी ही स्थिति अब गैस को लेकर बन रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मेरे यहां से रोजाना 700–800 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।

Leave a Reply