गोरखपुर में चाय पीना अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने लगा है। शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत की वजह से चाय की कीमतों में उछाल आया है। जो चाय कुछ समय पहले 10 रुपए में मिल रही थी, अब ज्यादातर ठेलों और दुकानों पर उसके दाम बढ़कर 15 रुपए हो गए हैं। शहर के गोलघर, गणेश चौक, छात्र संघ चौराहे, जीडीए टॉवर, सिविल लाइंस रोड सहित तमाम जगहों पर चाय की रेट बढ़ गई है। कई जगहों पर दुकानदारों ने बढ़े हुए रेट को लेकर नोटिस भी लगा दिया है। चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वाले दुकानदारों का कहना है कि मार्केट में कमर्शियल सिलेंडर मिल ही नहीं रहा है। अगर कहीं प्राइवेट एजेंसी से सिलेंडर मिल भी रहा है, तो उसके लिए बहुत ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। सिलेंडर न मिलने से हो रही दिक्कत आरटीओ ऑफिस के पास नाश्ते की दुकान चलाने वाले रवि गुप्ता ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर हमें कहीं से भी नहीं मिल रहा है। एक प्राइवेट एजेंसी से कभी सिलेंडर मिलता भी है तो बहुत ज्यादे रेट में। एक सिलेंडर पर पहले के अपेक्षा 1000 ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। इसलिए चाय की रेट बढ़ानी पड़ी है। गैस ने बजट बिगाड़ दिया उनका कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने और कमी होने से लागत बढ़ गई है। दूध और चीनी पहले से ही महंगे हैं, अब गैस ने बजट बिगाड़ दिया है। पुराने रेट पर चाय बेचना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि दुकान सबसे ज्यादा चाय की मांग होती है, इसलिए हमने सिर्फ चाय का ही रेट बढ़ाया है। 1800 का सिलेंडर 2900 में मिल रहा वहीं, विशाल यादव का कहना है कि वे चाय की रेट बढ़ाना नहीं चाहते थे, लेकिन मजबूरी में उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। जब ईंधन ही महंगा मिलेगा, तो ग्राहकों को पुरानी कीमत पर चाय देना मुमकिन नहीं है। कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलेगा, तब बहुत दिक्कत होगी उन्होंने बताया कि जो सिलेंडर पहले 1800 में मिल जाता था, वह अब 2600 से 2900 तक मिल रहा है, वो भी बड़ी मुश्किल से। इसलिए पिछले 15 दिन से हम रेट बढ़ाकर चाय बेच रहे हैं। हालांकि इससे भी हमें कोई बहुत ज्यादा फायदा नहीं हो रहा है। जब तक कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलेगा तब तक हमें बहुत दिक्कत होगी। जब सिलेंडर मिलने लगेगा और बजट में मिलेगा, तब फिर से चाय की रेट कम की जा सकती है। कस्टमर्स परेशान वहीं, अचानक बढ़े इन दामों से रोज चाय पीने वाले लोग थोड़े परेशान जरूर हैं, लेकिन दुकानदारों की परेशानी को देखते हुए लोग 15 रुपए देने को तैयार हैं। उनका कहना है कि एलपीजी संकट का असर देश के हर सेक्टर पर पड़ रहा है। चाय पीने आए मनोज भट्ट ने कहा कि चाय की रेट तो बढ़ ही गई है। दुकानदार भी क्या करें, उन्हें महंगे रेट में सिलेंडर मिल रहा है तो पुरानी रेट में चाय कैसे देंगे। मजबूरी में हमें 10 के बजाय 15 देना ही पड़ रहा है। समय के साथ समझौता करना ही पड़ेगा।

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