गोरखपुर में रामगढ़ ताल स्थित वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार से भारतीय महिला रोइंग टीम का राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया। एशियाई खेल 2026 की तैयारी के लिए आयोजित इस कैंप में देशभर की चुनिंदा महिला खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। यह शिविर करीब दो माह तक चलेगा, जिसमें खिलाड़ियों की तकनीक, गति और तालमेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुसार निखारा जाएगा। उत्तर प्रदेश में पहली बार नेशनल रोइंग कैंप की मेजबानी गोरखपुर को मिली है। रामगढ़ ताल के विकास के बाद यह स्थान देश के प्रमुख रोइंग वेन्यू के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां अब नियमित रूप से राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियां होने लगी हैं।
मुख्य अतिथि ने किया शुभारंभ
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सचिव पुष्पराज सिंह ने शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर शुभकामनाएं दीं और झंडी दिखाकर सिंगल स्कल, डबल स्कल, पेयर और फोर बोट को रवाना किया। इस दौरान रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव सुभाशीष मुखर्जी, फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन नवाबुद्दीन और पद्मश्री ओलंपियन बजरंग लाल मौजूद रहे। रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव सुभाशीष मुखर्जी ने बताया कि शिविर में खिलाड़ियों की तकनीक, स्टैमिना और टीम वर्क को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रामगढ़ ताल की भौगोलिक स्थितियां प्रशिक्षण के लिए अनुकूल हैं, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास का अवसर मिल रहा है। प्रदेश के खेल मानचित्र पर बढ़ी पहचान
मुख्य अतिथि पुष्पराज सिंह ने कहा कि इस स्तर का कैंप न केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर करेगा, बल्कि गोरखपुर और प्रदेश को वाटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में नई पहचान देगा। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। रामगढ़ ताल में इससे पहले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आयोजन हो चुका है। आधुनिक सुविधाओं और उपकरणों के कारण अब यह स्थान राष्ट्रीय रोइंग गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

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