गोरखपुर के सूरजकुंड इलाके में पूर्व मेयर आशा देवी की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद लगातार दूसरे दिन भी जारी है। किन्नर समाज के लोग सोमवार से मौके पर धरना दिए बैठे हैं और अब आंदोलन तेज करते हुए प्रशासन से तत्काल मकान खाली कराकर कब्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से चल रहे इस विवाद में कार्रवाई न होने से किन्नरों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। मंगलवार को भी किन्नर समाज के लोग बड़ी संख्या में सूरजकुंड पहुंचे और धरना जारी रखा। सड़क किनारे बैठकर विरोध जताने से पूरे इलाके में दिनभर हलचल रही। आश्वासन नहीं अब हो कार्रवाई
धरने पर बैठे किन्नरों ने साफ कहा कि अब वे किसी भी तरह के आश्वासन को स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि जब कोर्ट का आदेश उनके पक्ष में आ चुका है, तो प्रशासन को तुरंत अमल कराना चाहिए। किन्नरों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा बार-बार “जल्द कार्रवाई” का भरोसा दिया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया। जानिए क्या है मामला?
यह मामला करीब 13 साल पहले पूर्व मेयर आशा देवी के निधन के बाद शुरू हुआ था। उस समय संपत्ति को लेकर कई पक्ष सामने आए थे और विवाद अदालत तक पहुंच गया। वर्षों तक चले इस मामले में 2024 में फैसला आया, लेकिन इसके बावजूद अब तक कब्जा न मिलने से विवाद फिर से सड़कों पर आ गया है। किन्नर समाज ने रखा पूरा पक्ष
धरने पर बैठी नैना किन्नर ने बताया कि आशा देवी ने अपनी मृत्यु से पहले ही मकान अपने भतीजे दीपक यादव के नाम कर दिया था। आरोप है कि आशा देवी की मौत के बाद मधु यादव के पति रमेश यादव ने दबंगई दिखाते हुए दीपक को घर से बाहर कर दिया। इसके बाद दीपक ने अदालत में मामला दायर किया, जहां लंबे समय बाद 2024 में फैसला उसके पक्ष में आया। नैना के अनुसार, कोर्ट से जीत मिलने के बाद दीपक यादव ने सभी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए मकान किन्नर समाज को सौंप दिया। इसके बावजूद आज तक मकान खाली नहीं कराया गया, जिससे किन्नर समाज खुद सड़क पर उतरने को मजबूर हुआ है। कागज होने पर भी नहीं मिल रहा हक
गोल्डी किन्नर ने कहा कि उनके पास मकान से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं और पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके बावजूद उन्हें कब्जा नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल आश्वासन देकर मामले को टाला जा रहा है। कोमल किन्नर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मकान खाली नहीं कराया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं सिम्मी किन्नर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई कराई जाए, ताकि किन्नर समाज को न्याय मिल सके। मौके पर पुलिस भी है मौजूद
लगातार दूसरे दिन धरना जारी रहने से सूरजकुंड इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। भीड़ और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और अधिकारी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन कब तक इस विवाद में ठोस कार्रवाई करता है और किन्नर समाज को उनका अधिकार दिला पाता है। फिलहाल किन्नर समाज अपनी मांग पर अड़ा हुआ है और कब्जा मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहा है।

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