गोरखपुर में फिल्म अभिनेता अदिवि शेष ने अपनी फिल्म ‘डकैत: एक प्रेम कथा’ का गाना ‘टच बडी’ लॉन्च किया। इस मौके पर उनके साथ भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह और अभिनेत्री काजल राघवानी भी मौजूद रहीं। इवेंट में हजारों फैंस पहुंचे। पवन सिंह, काजल राघवानी और अभिनेता अदिवि शेष ने एक-दूसरे के साथ डांस किया। टच बडी गाने में अदिवी ने अपने डांस मूव्स से चार चांद लगा दिए। मगर, इस गाने में पवन सिंह की झलक भी है और यह उनके फैंस के लिए स्पेशल ट्रीट है। गाना लॉन्च होने के बाद अदिवि शेष ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत भी की। अदिवि शेष ने कहा- गोरखपुर आकर बहुत शानदार अनुभव रहा। यहां असली इंडिया बसता है। रामगढ़ ताल का नजारा बेहद खूबसूरत लगा। फिल्म डकैत: एक प्रेम कथा के बारे में ज्यादा नहीं बताऊंगा, लेकिन 10 अप्रैल को थिएटर में जरूर देखें, जबरदस्त एंटरटेनमेंट मिलेगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब विस्तार से पूरा पढिए इंटरव्यू… सवाल: गोरखपुर आना कैसा अनुभव रहा? जवाब: गोरखपुर आकर मेरा अनुभव बहुत शानदार रहा। मैं रामगढ़ की झील घूमने गया। यहां पर इतना शानदार नजारा देखने को मिला कि एकदम मजा आ गया। सवाल: अपनी अपकमिंग मूवी के बारे में बताइए? जवाब: देखिए यहां बहुत तो मैं नहीं बता सकता, उसके लिए आप सभी को 10 अप्रैल को सिनेमा घर तक आना पड़ेगा। इतना जरूर कहूंगा की बहुत मजा आने वाला है। इसमें जो रस है वो भोजपुरी और साउथ के फिल्मों के कल्चर से मिलता जुलता है। कहानी लिखते समय हमने सोचा था कि क्यों न हम पवन को इसमें गाना गवाएं। फिल्म में उनका स्पेशल अपीयरेंस भी है। इस गाने के लिए पवन को चुनना मेरे लिए खास रहा। सवाल: बाकी स्टार लॉन्च के लिए मुंबई-दिल्ली जाते है, आप गोरखपुर आए? जवाब: क्योंकि असली इंडिया यहां पर है। यहां आज मैंने लोगों का पागलपन देखा। यहां आकर बहुत प्यार मिला। मैं रवि किशन का भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस प्रोग्राम की पर्मिशन दिलवाई। सवाल: गोरखपुर की जनता के लिए क्या कहना है? जवाब: बस ये सोच लीजिए रेल की पटरी, आग, बंदूक और बारूद ये सारी चीजों के बीच में 13 साल पुरानी प्रेम कहानी है। 2 दुश्मनों के बीच ये प्रेम कहानी है। गोरखपुर वालों 10 अप्रैल को देखना मत भूलना। क्या लीड पेयर पूरी तरह से डकैती से जुड़ा है? फिल्म ‘डकैत’ की प्रेम कहानी पारंपरिक सामाजिक संघर्षों, जैसे जाति, धर्म या अमीरी-गरीबी तक सीमित नहीं है। इसका केंद्र किरदारों की आंतरिक संवेदनाएं और उनके निजी अनुभव हैं। यहां प्रेम को एक बेहद व्यक्तिगत एहसास की तरह दिखाया गया है, जो माता-पिता और संतान के रिश्ते जितना गहरा हो सकता है। जब भावनाएं इतनी निजी हो जाती हैं, तो उनका प्रभाव भी अनोखा बनता है। कहानी इस बात को टटोलती है कि कोई रिश्ता क्यों खास बनता है और टूटने पर भीतर क्या बदल जाता है, यही इसकी असली ताकत है। सवाल: फिल्म की पूरी कास्ट को बताइए? जवाब: इसमें मेरी हिरोइन मृणाल ठाकुर, अनुराग कश्यप, प्रकाश राज, अतुल कुलकर्णी इसके अलावा और भी लोग हैं। इसको मैंने पूरी तरह से हिंदी में बनाया है। यकीन मानिए बहुत मजा आने वाला है। अंत में उन्होंने भोजपुरी में कहा- हमके यहां बहुत अच्छा लागल…गुरु गोरक्षनाथ की जय हो, जय बालाजी। ————————— ये खबर भी पढ़िए- शिवपाल के सामने भावुक हुईं नसीम सोलंकी:कानपुर में शायरी पढ़ी- जहां जुल्म की कसरत हो, वो निजाम आखिरी कानपुर में सपा विधायक नसीम सोलंकी शनिवार शाम को शिवपाल यादव के सामने भावुक हो गईं। ईद-होली मिलन समारोह के दौरान उनके आंसू छलक पड़े। खुद को संभालते हुए कहा- मुझे अपने चुनाव के वो दिन याद आ गए, जब यही लोग इसी मंच पर साथ मौजूद थे। पढ़ें पूरी खबर…

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