गोरखपुर में संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर निगम के सदन हाल में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलने वाले संचारी एवं दस्तक अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई। सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजर्स को दिया गया प्रशिक्षण कार्यशाला में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजर्स को अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किस तरह से क्षेत्र में काम करते हुए बीमारियों के प्रसार को रोका जा सकता है। मच्छर जनित रोगों पर रहेगा विशेष फोकस अभियान के दौरान डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए शहर में कहीं भी पानी जमा न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। गमलों, कूलर, टूटे बर्तनों, फ्रिज के पीछे जमा पानी और निर्माणाधीन भवनों में पानी की जांच कर एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव किया जाएगा। छिड़काव पर जोर नालियों की नियमित सफाई, पार्कों की देखभाल और फॉगिंग अभियान को तेज किया जाएगा। सुअरबाड़ों और मुर्गी फार्मों में भी कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा, ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। चलेगा जनजागरूकता अभियान लोगों को साफ-सफाई, हाथ धोने की आदत और शौचालय के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकों के माध्यम से लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। पूरे शहरी क्षेत्र को 6 हिस्सों में विभाजित किया गया है। 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की टीमों के साथ मलेरिया और फाइलेरिया निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है, जो नियमित रूप से निगरानी और कार्रवाई करेंगे। स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच की बेहतर व्यवस्था सभी 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू, मलेरिया समेत अन्य जरूरी जांचों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इससे बुखार से पीड़ित मरीजों की तुरंत जांच और इलाज संभव हो सकेगा। अभियान के दौरान किए गए कार्यों की रोजाना फोटो लेकर व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि काम की निगरानी सही तरीके से हो सके।

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