गोरखपुर के कैंपियरगंज विधानसभा से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया। ठगों ने आरटीओ की तरफ से उन्हें गाड़ी चालान का फर्जी लिंक भेजा। यह लिंक असली जैसा लग रहा था। जैसे ही विधायक ने इस पर क्लिक किया, उनका अकाउंट जालसाजों के हाथ में चला गया। पता चलने पर विधायक ने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर लोगों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा- मेरे व्हाट्सएप नंबर से अगर किसी भी तरह का मैसेज, लिंक या कॉल आए तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें। लोगों से अपील की कि ऐसे किसी भी संदेश को नजरअंदाज करें और किसी तरह की जानकारी साझा न करें। बैंक खाते की कराई जाएगी जांच विधायक ने बताया कि वे अपने बैंक खाते की जांच कराएंगे, ताकि यह पता चल सके कि जालसाजों ने किसी तरह की धनराशि निकाली है या नहीं। अभी तक उनके पास बैंक से पैसे निकलने का कोई मैसेज नहीं आया है, लेकिन पूरी तरह से जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। इसके बाद वे इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे जानकारों के मुताबिक, साइबर जालसाज अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। वे सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी लिंक भेजते हैं, जिससे लोग भरोसा कर लेते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक को खोलता है, उसके मोबाइल या व्हाट्सएप की जानकारी जालसाजों तक पहुंच जाती है और वे अकाउंट पर कब्जा कर लेते हैं। पुलिस ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह SP क्राइम सुधीर जायसवाल ने कहा कि ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। अनजान नंबर से आए कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। उन्होंने बताया कि फालतू या अनजान एप डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे मोबाइल में वायरस आ सकता है और डेटा चोरी हो सकता है। वहीं, अपने बैंक की जानकारी, ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने लोगों से कहा कि केवल भरोसेमंद और आधिकारिक वेबसाइट या एप का ही इस्तेमाल करें। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी कम से कम साझा करें और समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें। अगर किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत साइबर सेल में शिकायत करें।

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