गोरखपुर के रंगबाज नेता के खिलाफ चार्जशीट:दो लोगों को फॉर्च्यूनर से कुचला था, पुल पर लटकी थी MBBS छात्र की लाश
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गोरखपुर के रंगबाज नेता के खिलाफ चार्जशीट:दो लोगों को फॉर्च्यूनर से कुचला था, पुल पर लटकी थी MBBS छात्र की लाश
गोरखपुर के मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर 4 मार्च की रात फॉर्च्यूनर से कुचलकर एमबीबीएस छात्र और डॉक्टर के भाई की मौत हो गई थी। इस दौरान एमबीबीएस छात्र की लाश काफी देर तक पुल पर लटकी हुई थी। इस मामले के आरोपी गोल्डेन सहानी के खिलाफ शाहपुर पुलिस ने हत्या और गैर इरादतन हत्या में चार्जशीट दाखिल कर दी है। घटना के बाद से एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) रिपोर्ट का पुलिस इंतजार कर रही थी। रिपोर्ट मिलते ही चार्जशीट दाखिल हो गई। इस मामले में जल्द ही ट्रायल भी शुरू होने की उम्मीद है। प्रापर्टी डीलर गोल्डेन साहनी की तेज रफ्तार कार से होली वाली रात बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष के छात्रा आकाश पांडेय और डॉक्टर के भाई बिजली ठेकेदार उमेश शर्मा की मौत हो गई थी। आकाश पाण्डेय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी वह अपने दोस्त के यहां से लौट रहे थे। उनका शव करीब 15 फीट ऊपर उछल कर ओवरब्रिज पर ही टंग गया था। वहीं उमेश शर्मा ने इलाज के दौरान एम्स में दम तोड़ा था। शाहपुर पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज किया था। पहली एफआईआर आकाश के परिवारीजनों की तरफ से हुई थी जिसमें गैर इरादतन हत्या की धारा लगाई गई थी। वहीं दूसरी एफआईआर उमेश शर्मा के परिवारीजनों की तरफ से हुई थी। जिसमें पहले हत्या के प्रयास की धारा लगी थी मौत के बाद हत्या में तरमीम की गई थी। पुलिस विवेचना का अंतिम रूप देने के लिए हादसे में इस्तेमाल हुई लक्जरी कार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। जांच अधिकारी ने बताया कि एफएसएल की रिपोर्ट मिलते ही गोल्डेन के खिलाफ दोनों केस में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। गीडा थाने में अपहरण और छेड़खानी का केस दर्ज गोरखपुर के मोहद्दीपुर-चारफाटक ओवरब्रिज पर दो लोगों को कुचलने से पहले गोल्डेन साहनी ने दो लड़कियों को अगवा करके उनके साथ अभद्रता की थी। विरोध करने पर गोलियां भी चलाई थी। इस मामले में भी गीडा थाने की पुलिस ने गोल्डन साहनी के ऊपर हत्या के प्रयास, छेड़खानी और अपहरण की कोशिश का केस दर्ज किया है। बेलीपार इलाके की रहने वाली युवती ने गीडा पुलिस को तहरीर दी थी। युवती ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह 04 जून की सुबह अपनी सहेली के साथ लखनऊ से गोरखपुर आई थीं। सहेली के साथ बाघागाड़ा स्थित एक होटल में रुकी थी। दोपहर करीब तीन बजे जब वे होटल से अपने गांव जाने के लिए निकलीं, तभी गोल्डेन साहनी काले रंग की फॉर्च्यूनर से चार-पांच लोगों के साथ वहां पहुंच गया। गोल्डेन और उसके साथियों ने उसे और उसकी सहेली को जबरन अपने गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। विरोध करने और शोर मचाने पर गोल्डेन साहनी ने अपने पास से पिस्टल निकाल लिया और उन पर फायर कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि गोल्डेन शराब के नशे में था इस वजह से उसका निशाना चूक गया। जिससे उनकी जान बच गई। इस घटना के बाद वह किसी तरह वहां से भाग निकलीं। पीड़िता का दावा है कि पूरी घटना वहां मौजूद एक युवक ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया है। बेलीपार इलाके की रहने वाली युवती की तहरीर पर गीडा पुलिस ने गोल्डेन के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था वीडियो
लड़कियों से अभद्रता के मामले में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। गोल्डन उसमें अपशब्द बोलने के साथ अपने रसूख का भी परिचय दे रहा है। वहीं लड़कियां भी उसका विरोध कर रही हैं। इस संबंध में एसएसपी डॉ. कौश्तुभ ने बताया कि बेलीपार इलाके की रहने वाली युवती ने अपने साथ हुई घटना की गीडा थाने में तहरीर दी है,तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। वीडियो और सीसीटीवी फुटेज से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक नियम तोड़ने का आदी था गोल्डेन
गोरखपुर के कौवाबाग-मोहद़दीपुर ओवरब्रिज पर मेडिकल छात्र और डॉक्टर के भाई को रौंदने वाला गोल्डेन साहनी ट्रैफिक नियमों को भी तोड़ने का आदी था। आरोपी खुद को निषाद पार्टी से जुड़ा बताने के साथ ही भावी ब्लॉक प्रमुख भी बताता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की फॉर्च्यूनर का 35 बार चालान हुआ है। जिसमे एक साल में 19 बार ओवरस्पीडिंग, दो बार डेंजर ड्राइविंग और पांच बार नो पार्किंग का उल्लंघन किया। यह आंकड़ा बताता है कि गोल्डेन का सड़क सुरक्षा के प्रति बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। गोल्डेन जिस लक्जरी कार से चल रहा था वह एफआई टॉवर, कैंट रोड लखनऊ निवासी योगेंद्र के नाम पर रजिस्टर्ड है। एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय ने बताया कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है। लगातार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों को चेतावनी या चालान देने से काम नहीं चलता, बल्कि उन्हें जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई से ही भविष्य में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। पकड़े जाने के बाद भी मार रहा था स्टाइल गोरखपुर में फॉर्च्यूनर से MBBS छात्र समेत 2 लोगों को रौंदने वाला आरोपी पुलिस कस्टडी में रंगबाजी से चलता नजर आया। वीडियो में दिख रहा है कि दो पुलिसकर्मी उसे पकड़े हैं। वह जींस की दोनों जेबों में हाथ डालकर स्टाइल में चल रहा है। आरोपी गोल्डेन साहनी की सोशल मीडिया पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के साथ कई रील हैं। उसकी मंत्री के साथ एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें उसने कैप्शन लिखा है- कैबिनेट मंत्री (फूफा)। वह खुद को भावी ब्लॉक प्रमुख पिपरौली भी बताता था। दरअसल, होली यानी बुधवार की रात फॉर्च्यूनर चला रहे गोल्डेन साहनी ने ओवरब्रिज पर MBBS छात्र आकाश पांडेय और उमेश शर्मा (50) को टक्कर मार दी थी। आकाश पांडेय की मौके पर मौत हो गई। जबकि उमेश शर्मा ने गुरुवार देर रात एम्स में दम तोड़ दिया। हादसे के एक घंटे बाद पुलिस ने आरोपी को ट्रेस करके पकड़ लिया और थाने ले गई। उस समय उसने ब्लैक शर्ट और जींस पहनी हुई थी। अगले दिन यानी गुरुवार को जब पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, तो वह सफेद शर्ट में नजर आया। यानी, हिरासत में उसने कपड़े भी चेंज किए। पहले आरोपी की तस्वीरें देखिए अब जानिए पूरा मामला…
होली के दिन बुधवार रात करीब 10 बजे गोरखपुर में मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हादसा हुआ था। फॉर्च्यूनर ने तीन-चार गाड़ियों को टक्कर मार दी। दूसरी गाड़ियों को हल्की टक्कर लगी, जबकि आकाश और उमेश शर्मा की स्कूटी में जोरदार टक्कर हुई। टक्कर लगते ही आकाश हवा में उछलकर करीब 15 मीटर दूर ओवरब्रिज की रेलिंग से टकराकर औंधे मुंह लटक गए। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उमेश शर्मा घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और ओवरब्रिज पर भीड़ लग गई। लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने छात्र को रेलिंग से नहीं उतारा। राहगीरों की सूचना पर करीब 30 मिनट बाद पुलिस पहुंची और आकाश को रेलिंग से उतारा। इसके बाद पुलिस उमेश और आकाश को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। यहां डॉक्टरों ने आकाश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उमेश कोमा में चले गए थे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोरखपुर एम्स रेफर कर दिया, जहां गुरुवार देर रात इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। हादसे की 3 तस्वीरें देखिए- हादसे में जान गंवाने वालों के बारे में पढ़िए MBBS छात्र घर का इकलौता बेटा था
आकाश पांडेय संतकबीरनगर के धर्मसिंघवा थाना क्षेत्र के बरगदवां का रहने वाला था। उनके पिता देवेंद्र नाथ पांडेय की टेंट की दुकान है, जबकि मां लीलावती देवी गृहिणी हैं। आकाश इकलौते बेटे थे। वह गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रहे थे। होली के दिन आकाश शाम को दोस्त अनूप के घर गए थे। वहां खाना खाने के बाद रात करीब 10 बजे हॉस्टल लौट रहे थे। इसी दौरान मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हादसा हो गया। सूचना मिलते ही दोस्त अनूप अस्पताल पहुंचा और फूट-फूटकर रोने लगा। उसने डॉक्टरों से कहा-साहब, मेरे दोस्त को बचा लीजिए। उमेश के भाई डॉक्टर, प्राइवेट जॉब करते थे
उमेश शर्मा गीता वाटिका के पास रहने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश कुमार शर्मा के भाई है। कमलेश ने बताया कि उनके भाई उमेश प्राइवेट जॉब करते थे। परिवार में पत्नी और दो बच्चे- एक बेटा और एक बेटी है। होली के दिन उमेश अपनी बहन के घर शाहपुर गए थे। वहां से रात करीब 9:30 बजे स्कूटी से घर लौट रहे थे। जब वे मोहद्दीपुर–कौवाबाग ओवरब्रिज के पास पहुंचे, तभी फॉर्च्यूनर ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद से ही वह कोमा में थे। BRD में MBBS छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को MBBS छात्र के साथियों, इंटर्न डॉक्टरों और अन्य छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी। छात्रों ने कहा कि हादसे के आरोपी गोल्डेन साहनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लापरवाही से वाहन चलाने के कारण एक छात्र की जान चली गई।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
