गोरखपुर इस्कॉन में रामनवमी पर भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक भक्त शामिल हुए। मंदिर परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा और जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आदिश्याम प्रभुजी के प्रवचन से हुई। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म के प्रति समर्पण पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्रीराम के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं और उन्हें जीवन में अपनाना जरूरी है।
नाट्य मंचन में ‘बाली वध’ का प्रस्तुतिकरण
इसके बाद बाली वध पर आधारित नाट्य मंचन किया गया। कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से भगवान श्रीराम की न्यायप्रियता और धर्मनिष्ठा को प्रस्तुत किया। प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान श्रीराम का विधि-विधान से अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए। बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की। कीर्तन में शामिल हुए श्रद्धालु, गूंजे भजन
सामूहिक कीर्तन में मृदंगा और करताल के साथ भजन प्रस्तुत किए गए। कीर्तन में शामिल श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। अंत में प्रसाद वितरण किया गया। साथ ही विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव और मानव कल्याण के लिए प्रार्थना की गई। आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

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