गोंडा में एलपीजी गैस सिलेंडर वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर लंबी कतारों और उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद जिला पूर्ति कार्यालय में यह व्यवस्था की गई है। इस कंट्रोल रूम में चार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो गैस वितरण सुनिश्चित करेंगे और समस्याओं का निवारण करेंगे। जिले के ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को घंटों लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा था। गैस सिलेंडर न मिलने पर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को दूर करने और गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।कंट्रोल रूम में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी शिव प्रकाश, पूर्ति निरीक्षक मनोज कुमार, पूर्ति लिपिक रवि कुमार कश्यप और पूर्ति लिपिक चंद्र प्रकाश की ड्यूटी लगाई गई है। ये सभी अधिकारी प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक जिला पूर्ति कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। इन अधिकारियों का कार्य एलपीजी उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनना, उन्हें शिकायत रजिस्टर में दर्ज करना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त, वे जिले की सभी 76 गैस एजेंसियों से प्रतिदिन संपर्क कर गैस वितरण की स्थिति की निगरानी करेंगे। किसी भी उपभोक्ता को दिक्कत होने पर जांच कर कार्रवाई भी की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य एलपीजी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना है। हमारे जिले में कहीं भी कोई भी गैस की समस्या नहीं है जहां भी लाइन लग रही है लोगों को लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं है। उनके घरों तक गैस पहुंचेगा लेकिन अफवाह के चलते लोग लाइन लग रहे हैं तो उनको कितना भी समझाया जाए वह लोग समझने वाले नहीं है। ————————— ये खबर भी पढ़िए- गंगा में इफ्तार करने वाले कोर्ट में फूट-फूटकर रोए:रिहाई की भीख मांगी; काशी पुलिस बोली- नाव-नाविक का अपहरण कर पार्टी की ‘नाव को हाइजैक कर और नाविक का अपहरण कर गंगा नदी में इफ्तार पार्टी की गई थी। पार्टी के फोटो वीडियो बनाकर दिलेरी दिखाई गई थी।’ काशी पुलिस ने यह बात गुरुवार रात सीजेएम कोर्ट में कही। दरअसल, गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 युवकों को रात करीब 8 बजे कोर्ट में पेश किया गया। घरवालों ने उनकी जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी दीपक कुमार ने बहस की। पढ़ें पूरी खबर

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