शहर में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच अब साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गए हैं। गैस बुकिंग और जानकारी देने के नाम पर लोगों के मोबाइल पर एपीके फाइल और फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं, जिन पर क्लिक करते ही बैंक खाते खाली हो रहे हैं। साइबर क्राइम सैल के अनुसार, ठग लोगों को गैस सिलेंडर दिलाने का झांसा देकर मोबाइल पर लिंक भेजते हैं। जैसे ही यूजर इन लिंक या एपीके फाइल को ओपन करता है, उसकी बैंकिंग जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती है। इसके बाद कुछ ही मिनटों में खाते से रकम निकाल ली जाती है। सिर्फ गैस बुकिंग ही नहीं, बल्कि चालान, शादी के कार्ड और अन्य बहानों से भी फर्जी लिंक भेजकर लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है। वहीं, खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर भी ठगी की जा रही है। हाल ही में सिकंदरा क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को पुलवामा हमले में फंडिंग का भय दिखाकर करीब साढ़े सात लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित परिवार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। साइबर क्राइम थाने की इंस्पेक्टर रीता यादव और साइबर क्राइम सैल के प्रभारी विमल कुमार ने कहां की इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं कि गैस बुकिंग के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को ओपन न करें और संदिग्ध कॉल आने पर घबराने के बजाय तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

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