रामनवमी के पावन अवसर पर श्रीराम जन्मोत्सव का भव्य आयोजन संपन्न हो रहा है। किंतु इस उल्लासमय उत्सव पर गैस आपूर्ति की कमी का प्रतिकूल प्रभाव सामने आ रहा है। गैस के अभाव के कारण मंदिरों में संचालित भंडारे बाधित हो रहे हैं, जिससे संत-महात्मा एवं श्रद्धालुजन दोनों ही कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
अखिल भारतीय पंच तेरह भाई त्यागी खांक चौक तथा संकट मोचन हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास ने अपनी वेदना व्यक्त करते हुए बताया कि प्रति वर्ष अष्टमी एवं नवमी तिथि पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं को प्रसादरूप भोजन प्रदान किया जाता है। तथापि, इस वर्ष गैस आपूर्ति में व्यवधान के कारण भंडारा आयोजन संकटग्रस्त हो गया है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि हलवाई वर्ग लकड़ी पर भोजन निर्माण के लिए सहमत नहीं है, जिससे वैकल्पिक व्यवस्था भी निष्प्रभावी सिद्ध हो रही है। ऐसी स्थिति में प्रथम बार रामनवमी मेले में भंडारा निरस्त होने की संभावना उत्पन्न हो गई है। महंत परशुराम दास ने आरोप लगाया कि गैस की कालाबाजारी की जा रही
महंत परशुराम दास ने आरोप लगाया कि गैस की कालाबाजारी की जा रही है। जहां बड़े-बड़े होटलों को निर्बाध रूप से गैस सिलिंडर उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं मठ-मंदिरों को आवश्यक आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इसका प्रभाव केवल भंडारे तक सीमित न रहकर अन्य सेवा कार्यों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया है कि धार्मिक आयोजनों एवं सेवा कार्यों की महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए गैस की समुचित एवं सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे इस महत्वपूर्ण पर्व पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उल्लेखनीय है कि रामनवमी मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या आगमन करते हैं। ऐसी स्थिति में भंडारे जैसी व्यवस्थाएं उनकी सेवा एवं सुविधा का अभिन्न अंग होती हैं, किंतु इस वर्ष गैस संकट ने इन व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न उपस्थित कर दिया है।

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