वाराणसी की किशोरी संग गैंगरेप मामले में शनिवार को पुलिस ने कोर्ट में उसके कलमबंद बयान दर्ज कराए। किशोरी ने अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में मंगलवार की रात हॉस्टल में उसके साथ हुई हैवानियत की दास्तां सुनायी, वहीं किशोरी के माता-पिता भी बिठूर थाने पहुंचे। यहां उनका किशोरी से आमना सामना कराया गया। मां को देख किशोरी उनसे लिपट कर रो पड़ी। पिता ने पुलिस को दी इज्जत की दुहाई बेटी के साथ गैंगरेप की घटना पता चली तो दोनों कुछ देर के लिए शांत हो गए, मां की आंखों में आंसू छलक आए। इसी बीच वन स्टॉप सेंटर से किशोरी भी थाने पहुंच गई। मां ने उसे देखते ही सीने से लगा लिया। मां ने बेटी को खूब समझाया। पुलिस के मुताबिक किशोरी घर जाने को तैयार है, इस दौरान पिता पुत्री ने एक दूसरे से बात नहीं की। हालांकि पिता पुलिस से इज्जत की दुहाई देकर मामला जल्द से जल्द खत्म करने की मिन्नतें करता रहा। पिता ने बताया कि बेटी को घूमने का शौक है। वह मजदूरी करते परिवार पालता है। ऐसे में उसे बाहर जाने से रोकता टोकता है। पहले भी दो बार बेटी घर से जा चुकी है। इसीलिए इस बार मामा के घर रूपिहाडीह में छोड़ आए थे। वहां से भी वह चली गई। वह बेटी को घर ले जाना चाहते हैं, लेकिन उसके भागने से वह परेशान हैं। हा लांकि इस दौरान उन्होंने पुलिस से कहा, साहब जितना जल्दी हो मामला बंद कर दीजिए। बदनामी हो गई तो बिटिया से शादी कौन करेगा। एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि किशोरी के माता-पिता वाराणसी चले गए हैं और सोमवार को आने की बात कही है। यह था पूरा मामला
वाराणसी से कानपुर के मंधना पहुंची किशोरी को मंगलवार की रात 12 बजे हॉस्टल में कमरा दिलाने के बहाने पदम त्रिपाठी अपने साथ ले गया था। हॉस्टल के कमरे में पदम उसके दोस्त निहाल सिंह और नितेश दुबे उर्फ बिल्लू ने 5 घंटे तक किशोरी को बंधक बनाकर गैंगरेप किया था। किशोरी को कमरे में छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे। दूसरे दिन सुबह किशोरी को बदहवास हालत में देखकर हॉस्टल में रहने वाले युवक ने डायल 112 पर कॉल किया। पुलिस ने पदम त्रिपाठी को मौके से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि उसके दोस्त निहाल और नितेश को 55 घंटे बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसी मामले में शनिवार को किशोरी के बयान दर्ज कराए गए। किशोरी ने बताया कि पदम उसे साथ ले गया था, वहां उसने अपने दोस्तों को बुला लिया और उसके साथ गंदा काम किया।

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