पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हुए गुरुग्राम के एडवोकेट रिजवान अली के 3 बैंक अकाउंट में सस्पेक्टेड ट्रांजेक्शन का पता चला है। इन अकाउंट्स में पाकिस्तान से पेमेंट आने और फिर नगद रुपए निकाल कर हवाला के जरिए नकदी पंजाब भेजने के लिंक सामने आए हैं। यह काम कैश कूरियर रूट के जरिए किया गया। जांच अधिकारियों को शक है कि यह राशि जालंधर के निवासी कारोबारी अजय अरोड़ा के माध्यम से खालिस्तान समर्थकों तक पहुंचाई गई। पुलिस सूत्रों का दावा है कि यह फंडिंग पंजाब में अस्थिरता पैदा करने, हथियार खरीदने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए की जा रही थी। इसी की तह तक जाने के लिए जांच टीम आरोपी रिजवान अली को पंजाब लेकर गई, जहां उसके लिंक खंगाले जा रहे हैं। 3 पॉइंट में जानिए, रिजवान के जरिए पाकिस्तान का फंडिंग चैनल… 3 बैंक अकाउंट चला रहा रिजवान
जांच में पता चला है कि रिजवान के पास 3 बैंक खाते हैं। 2 गुरुग्राम के अलग-अलग बैंकों में और एक पंजाब नेशनल बैंक की तावड़ू ब्रांच में। इन खातों में विदेश से आने वाला पैसा जमा होता था, जिसे वह तुरंत निकालकर जालंधर के रहेगा अजय अरोड़ा को सौंप देता था। पाकिस्तानी हैंडलर ने रिजवान को कैसे ट्रैप में फंसाया… 1 करोड़ की ट्रांजेक्शन मिली
अब तक की जांच में करीब 80 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपए तक की ट्रांजेक्शन का पता चला है, लेकिन असल रकम इससे कई गुना ज्यादा हो सकती है। पुलिस ने अजय अरोड़ा को भी पकड़ा है। इसके अलावा जालंधर, अमृतसर व पंजाब के कई इलाकों में छापे मारे जा रहे हैं। क्या है कैश कूरियर रूट
टेरर फंडिंग के लिए अब कैश कूरियर रूट सबसे आम तरीका बन गया है। पाकिस्तान, दुबई या कनाडा से हवाला के जरिए पैसा प्रोफेशनल्स वकील, डॉक्टर, बिजनेसमैन के बैंक खातों में छोटे-छोटे अमाउंट के रूप में डाला जाता है। ये लोग तुरंत कैश निकालकर तय जगह पर उनके कूरियर को सौंप देते हैं। रिजवान अली वाला केस इसी कैटेगरी का है।
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