पिपरहा बिहार की रहने वाली बुजर्ग महिला सुरेखा देवी के आंसू थम नहीं रहे हैं। उसे फोन से सूचना दी गई कि कोल्ड स्टोरेज गिरा तो सब दबकर मर गए। बेटे अंकित की मौत की आशंका से भागती हुई प्रयागराज पहुंची। अस्पताल में भर्ती अंकित की बेड के पास वह अब तक रो रही है। दूसरी तरफ हादसे में मौतों, 19 लोगों के जख्मी होने का दर्द सपा नेता अंसार पहलवान के चेहरे पर नजर नहीं आया। वह गिरफ्तारी और पेशी पर हंसते, मुस्कुराते, हाथ हिलाते नजर आए। थाने से लेकर अस्पताल तक फिर जिला अदालत में अपने स्वागत में जुटी भीड़ देख गदगद नजर आए। स्वागत में भीड़ देख हंसते, हाथ हिलाते रहे अंसार
प्रयागराज के फाफामऊ में पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान के कोल्ड स्टोरेज हुए हुए दर्दनाक हादसे के जख्मी अभी भी उबर नहीं सके हैं। मलबे के नीचे दबने पर कइयों ने मौत को बहुत करीब से देखा। अब अस्पताल में वह दर्द बर्दाश्त करते हुए आंसू बहा रहे हैं। मलबे में कई जिंदगियां दफन हो गईं। उनके अपनों के आंसू और चीखें अभी भी भयानक हादसे की याद दिला जा रही हैं। गम गुस्सा और दर्द के बीच मृत और जख्मी लोगों के घरवाले रो और बिलख रहे हैं। एक तरफ यह दर्दनाक मंजर है तो दूसरी तरफ आरोपी सपा नेता पूर्व विधायक अंसार अहमद का गिरफ्तारी के बावजूद हंसना मुस्कुराना। गिरफ्तारी के बाद पूर्व मंत्री अंसार अहमद को मंगलवार को जिला अदालत में पेश किया गया। पुलिस की गिरफ़्त में रहे अंसार पहलवान हंसते, नेताओं की रैली सरीखे हाथ उठाते, हाथ मिलाते अपने अंदाज में नजर आए। मनो इतने बड़े हादसे का उन्हें बहुत ज्यादा गम भी न हो। वकील, समर्थक पहले से पहुंचे
ऐसा हो भी क्यों न, उनकी गिरफ्तारी की सूचना के बाद बहुत सारे वकील, उनके समर्थकों की भीड़ जो जमा हो गई थी। बड़ी संख्या में वकील कचहरी पहुंच गए थे। सपा नेताओं की भीड़ भी जिला अदालत में उनके इंतजार में नजर आई। इसी से गदगद अंसार अहमद हंसते हुए जेल के लिए रवाना हो गए। नैनी जेल भेजे गए अंसार अहमद
कोल्ड स्टोरेज कांड में गिरफ्तार हुए पूर्व मंत्री अंसार अहमद व मंजूर इलाही और अलाउद्दीन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को अंसार अहमद को जिला अदालत में पेश किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्रिशा मिश्रा ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजातों का अवलोकन, सहायक अभियोजन अधिकारी, अधिवक्ता रविन्द्र यादव एवं सैय्यद इफ्तेखार हुसैन के तर्कों को सुना। अदालत ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजातों के अनुसार पुलिस ने प्रार्थना किया है कि विवेचना 24 घंटे के भीतर पूरी नहीं हो सकी है इसलिए आरोपित को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में कारागार भेजा जाए। इसके बाद अंसार अहमद को नैनी सेंट्रल जेल ले जाया गया। गांव में शोर मचा बिल्डिंग गिर गया, सब मर गया : सुलेखा देवी
पिपरहा बिहार का रहने वाले बलबीर बेली अस्पताल में भर्ती है। उसकी मां सुलेखा पास में बैठकर आंसू बहा रही है। सुलेखा से जो भी सवाल करता है वह बेटे की तरफ देखकर आंखें पोछने लगती है। सुलेखा ने कहा- गांव तक फोन आया कि जहां बलबीर काम कर रहा था वह धमाका हुआ, सब गिर गया। दबकर सब मर गए। पूरे गांव में शोर मचा था कि सब मर गया। जल्दी प्रयागराज चलो। हम समझे सब लुट गया। बेटा की कोई खबर नहीं थी। गांव के लोग संग यहां आए तो बेटा मिल गया। सुलेखा ने कहा अब यहां काम नहीं करने दूंगी। बेटे को वापस गांव ले जाऊंगाी।
जैसे आंधी तूफान आया, गैस से नजर आना बंद हो गया- महेश कुमार
हम सब काम कर रहे थे। मैं बोरी लेकर जा रहा था। तभी अचानक कोल्ड स्टोरेज से धीरे धीरे गैस निकलने जैसा होने लगा। कई लोग बोले आलू खराब हो रहा है। फिर तेज आवाज हुआ और अचानक पूरी बिल्डिंग ही गिर गई। हमरे ऊपर भी पत्थर गिरा। कुछ देर बाद उठे तो कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। शोर मचा था सब भाग रहे थे। कपड़ा से मुंह आंख पोछा। फिर हम भी टटोल टटोल कर बाहर की तरफ निकले। जो सो रहे थ्ज्ञे 20-25 लोग वे मलबे में दब गए थे। हमरे गांव के बहुत से लोग सहरसा बिहार से आकर यहां काम करते हैं। शिव नंदन ने बताया- मेरा भाई की राहुल आवाज गायब
शिव नंदन ने बताया- मैं दो नंबर में था। मेरा भाई राहुल एक नंबर में काम कर रहा था। वहीं पूरा मलबा गिर गया। मेरा भाई की राहुल आवाज गायब है। अमोनिया गैस उसके गले तक चली गई। सांस लेने की वजह से गैस अंदर गई और वह बोल नहीं पा रहा है। अस्पताल में इशारे से बात करता है। जब हादस हुआ तो लगा तेज तूफान की वजह से आवाज हुआ लेकिन कुछ फटा था फिर छत बैठ गया। घरवाले परेशान हैं कि कहीं आवाज न चली जाए। अब हम काम नहीं करेंगे वापस सहरसा जाएंगे। अंकित कुमार ने कहा- मेरे सिर और पैर पर पत्थर गिरा
अंकित कुमार ने कहा- मैं दही-चूड़ा खा रहा था। आवाज के साथ छत गिरा न तो सब चीखते हुए भागने लगा। मेरे सिर और पैर पर पत्थर गिरा। वहीं गिर पड़े, इतना धूल था कि कुछ दिखाई नहीं दिया। फिर जिधर सब भाग रहे थे हम भी उधर घिसटते हुए भागे। कोई मेरा हाथ पकड़ कर खींचा बोला चल यहां से। मैं 13 साल का हुूं। इसी साल साल से यहां काम कर रहा हूं। सहरसा का हूं, ठेकेदार ले आया था। घरवाला भी अभी नहीं पहुंचा है। चोट में बहुत दर्द होता है। गांव वापस चल दूंगा। हत्या समेत 7 धाराओं में अंसार पर केस
कोल्ड स्टोरेज हादसे में पूर्व मंत्री अंसार अहमद व उसके साथियों पर हत्या समेत सात धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस खुद इस मामले में वादी बनी है। वादी दरोगा ने अपनी शिकायत में कहा है, मुनाफाखोरी के लिए जानबूझकर ओवरलोडिंग की गई। क्षमता से ज्यादा गैस भी छोड़ी गई। कोल्ड स्टोरेज को अंदर से लॉक कर यह किया गया। जिससे मौत होना सुनिश्चित था। पुलिस खुद बनी है वादी
मामले में वादी फाफामऊ थाने के एसएसआई कम्बोद सिंह बने हैं। कोल्ड स्टोरेज मालिक व पूर्व मंत्री अंसार समेत सात नामजद व पांच अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई। उनके अलावा मैनेजर उस्मान, करीब मो. असलम बाबा, मंजूर, अलाउद्दीन, जावेद व मो. इरफान भी नामजद हुए। इनमें से मंजूर अंसार का बेटा है। एफआईआर में कुल सात धाराएं लगाई गईं। इनमें पहली धारा हत्या की है। इसके अलावा 7 सीएलए एक्ट समेत छह अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक, तहरीर में मौके पर जो स्थतियां थीं और तहरीर के अनुसार, जानबूझकर ऐसा कृत्य किया गया, जिससे मौत होना निश्चित थी। हादसे की तस्वीरें देखिए-
कोल्ड स्टोरेज 27 साल पुराना
आदर्श कोल्ड स्टोरेज नाम से यह बिल्डिंग फाफामऊ इलाके में थी। इसके मालिक सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद हैं। हादसे के बाद से अंसार घर से लापता हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। उनके 2 भतीजे समेत 4 को हिरासत में लिया है। 27 साल पुराने इस कोल्ड स्टोरेज में तीन बिल्डिंग हैं। करीब 10 हजार स्क्वायर फीट की एक बिल्डिंग ढही है। यहां 100 से ज्यादा लोग काम करते हैं। कुछ मजदूर खाना खा रहे थे, कुछ आराम कर रहे थे, तभी ये हादसा हुआ। पीएम मोदी और सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। घटना पर दुख जाहिर किया है। घटना के 24 घंटे बाद भी बचाव कार्य जारी
कोल्ड स्टोरेज हादसे के बाद सोमवार सुबह से एक बार फिर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है, जबकि मौके पर कई विभागों की टीमें मुस्तैदी से डटी हुई हैं। घटनास्थल पर सुबह से 12 जेसीबी, 2 हाईड्रा और 4 डंपर लगाए गए हैं, जिनकी मदद से तेजी से मलबा हटाया जा रहा है। हटाया गया मलबा पास के कछार क्षेत्र में गिराया जा रहा है। एफआईआर दर्ज, पूर्व मंत्री हिरासत में इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री अंसार अहमद समेत 7 लोगों को नामजद करते हुए कुल 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कोल्ड स्टोरेज के मालिक अंसार अहमद और उनके भतीजे उस्मान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। सपा ने मुआवजे का किया एलान
घटना को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। कछार में गिराए जा रहे मलबा, मची लूट
कछार क्षेत्र में मलबा गिराए जाने के साथ ही वहां लूट जैसी स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि कोल्ड स्टोरेज में बड़ी मात्रा में आलू डंप था, जिसे मलबे के साथ कछार में डाला जा रहा है। इस दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और लोग मलबे से आलू निकालकर अपने घर ले जाने लगे। यही नहीं, मलबे में दबे सरिया और अन्य कीमती सामान पर भी लोग हाथ साफ करते नजर आए। कई लोग मलबे में घुसकर सामान बटोरते दिखे।
————————– ये खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में पूर्व मंत्री का कोल्ड स्टोरेज ढहा,4 की मौत, मलबे से 17 लोगों को बाहर निकाला गया उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे तेज धमाके के बाद कोल्ड स्टोरेज की एक बिल्डिंग ढह गई। मलबे में करीब 20 से अधिक मजदूर दब गए। हादसे में 4 मजदूरों की मौत हुई है। मरने वालों में पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश शामिल हैं। जगदीश प्रयागराज और बाकी तीनों बिहार के रहने वाले थे। अब तक 17 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। पढ़ें पूरी खबर

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