प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को लागू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को सस्ती और सुगम परिवहन सेवा से जोड़ना है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को बस्ती स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों और निजी बस ऑपरेटरों ने भाग लिया। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यापक प्रचार-प्रसार और निजी संचालकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बस ऑपरेटरों की शंकाओं का समाधान किया और उन्हें योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीटों वाली छोटी बसें ग्राम पंचायतों तक संचालित की जाएंगी। इनका संचालन निजी वाहन स्वामियों द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अनुबंध के तहत किया जाएगा। प्रत्येक बस को निर्धारित रूट पर चलने की अनुमति मिलेगी, जिससे गांव सीधे कस्बों और शहरों से जुड़ सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करना, सस्ती यात्रा सुविधा प्रदान करना और परिवहन के माध्यम से अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करना है। इसका किराया आम लोगों की वहन क्षमता के अनुरूप रखा जाएगा, जिससे छात्रों, मरीजों और मजदूरों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। आरटीओ फरीदउद्दीन ने बताया कि योजना में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक वाहन स्वामी 28 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। चयनित आवेदकों को निर्धारित मानकों के आधार पर रूट आवंटित किए जाएंगे। इस योजना के लागू होने से सिद्धार्थनगर जिले के गांवों से शहरों तक सीधी बस सेवा शुरू हो सकेगी। इससे आवागमन आसान होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। निजी बस ऑपरेटरों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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