लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में आज, 24 मार्च को यूपी के मत्स्य मंत्री संजय निषाद पहुंचे। यहां गोमती नदी में बड़ी संख्या में मछलियां मृत पाई गईं थी। मंत्री ने मछलियों के मरने के कारणों की जानकारी ली। पता चला कि यह मामला नदी प्रदूषण का नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर मछली पालन से जुड़ा है। मंत्री संजय निषाद ने बताया कि नदी का पानी साफ पाया गया है। प्रदूषण जैसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक पट्टाधारक ने अपने तालाब में बड़ी मछलियां डाली थीं। उस तालाब में गांव का सारा पानी जाता है। गांव के पानी और गर्मी के कारण मछलियां मरी थीं। पट्टाधारक ने मरीं मछलियों को नदी में फेंक दिया था। मछलियां नदी में नहीं मरी थीं। उन्होंने कहा कि पट्टेधारकों की ट्रेनिंग कराई जाएगी, ताकि कोई आपदा आए तो वो सतर्क रहें। उद्यान विभाग से बातचीत करके फ्लोटिंग फार्मिंग भी कराई जाएगी। फ्लोटिंग फार्मिंग को बढ़ावा देने के दिए निर्देश मंत्री ने अधिकारियों को संबंधित व्यक्ति को मुआवजा देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को मछली पालन करने वालों को वैज्ञानिक तरीके अपनाने के लिए जागरूक करने और हॉर्टिकल्चर व एग्रीकल्चर के साथ तालाब आधारित ‘तैरती खेती’ (Floating Farming) को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। मंत्री का कहना है की ये खेती होगी तो अपने आप साफ हो जाएगा। ये वैज्ञानिक तरीका है। फ्लोटिंग फार्मिंग एक ऐसी खेती है, जिसमें पानी की सतह पर तैरते प्लेटफॉर्म पर फसल उगाई जाती है। यह तकनीक बाढ़ या जलभराव वाले क्षेत्रों में खेती के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है। हजारों मछलियां मरी मिली थीं इटौंजा इलाके के हीरापुरम में 22 और 23 मार्च को गोमती नदी में हजारों मछलियां मरी मिली थीं। लोगों ने इसकी पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि 22 मार्च को मछलियां मरनी शुरू हुईं। 23 मार्च दोपहर तक हजारों मछलियां मर गईं। इससे तेज बदबू उठ रही है। यहां पर जानवर पानी पीते हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। मरी मछलियों का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। पट्टाधारक ने फेंकी थीं मछलियां अकराडिया कला गांव के निवासी रूपम ने 23 मार्च को एक वीडियो जारी किया था। उसमें कहा था कि वह गांव में मछली पालते हैं। पाली गईं मछलियां गर्मी के कारण तालाब में मर गई थीं। उन्हें गांव के बाहर नदी किनारे फेंक दिया था। मामले की जानकारी मिलते ही प्रदेश सरकार में मत्स्य मंत्री संजय निषाद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ………….. ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ के बच्चों ने गुल्लक तोड़कर भेजे पैसे:फूट-फूटकर रोई महिला, बोली- ईरान के लिए चारों बेटों को कुर्बान कर दूंगी ईरान-इजरायल युद्ध के बीच लखनऊ से ईरान को आर्थिक मदद भेजी जा रही है। इसके लिए शहर के दरगाह हजरत अब्बास में स्कैनर लगाया गया है। उसके जरिए बड़ी संख्या में शिया समाज के लोग पैसे भेज रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कैनर ईरान एंबेसी से जुड़ा है। पढ़िए पूरी खबर…

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