बाराबंकी में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के विरोध में गल्ला मंडी के व्यापारियों ने बुधवार को अपनी दुकानें बंद कर दीं। व्यापारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए मंडी में जोरदार प्रदर्शन किया और खाद्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों का आरोप है कि त्योहारों के समय इस तरह की कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव गुप्ता उर्फ बब्बी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान जब व्यापारी पूजा या फलाहार के लिए घर जाता है, उसी दौरान उसकी बंद दुकान पर नोटिस चस्पा कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है, जो अनुचित है। जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रदीप जैन ने छापेमारी की प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले समय में 8-10 अधिकारियों का एक साथ दुकान में पहुंचना और हर जगह से सैंपल लेना व्यापारियों के लिए मुश्किल खड़ी करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सैंपल लेने के बाद नियम के मुताबिक दुकानदार को ‘काउंटर सैंपल’ (जांच के लिए दूसरा नमूना) नहीं दिया जा रहा है। जैन ने सवाल उठाया कि यदि सैंपल फेल हो जाए तो व्यापारी अपना पक्ष कैसे रखेंगे, जबकि सारा माल पैक आता है। उन्होंने विभाग से बड़ी मंडियों में जाकर जांच करने की मांग की। गल्ला मंडी में व्यापारियों की एकजुटता के कारण दोपहर तक कारोबार पूरी तरह ठप रहा, जिससे लाखों रुपये के व्यापार पर असर पड़ा। प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की। व्यापारी जांच के विरोध में नहीं, बल्कि उसके तरीके को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब इस मामले में प्रशासन और खाद्य विभाग के अगले कदम का इंतजार है।

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