मेरठ में गर्भाशय (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव के लिए एक व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य 14 से 15 वर्ष की आयु की किशोरियों को इस गंभीर बीमारी से बचाना है। यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 फरवरी को अजमेर से शुरू किए गए कार्यक्रम की श्रृंखला का हिस्सा है। इसी क्रम में मेरठ में भी इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाया गया है। मेरठ के आनंद अस्पताल में 400 किशोरियों को वैक्सीन लगाकर इस अभियान की शुरुआत की गई। यह टीका सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित एक स्वदेशी वैक्सीन है, जो बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक मजबूत कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने किया। इस दौरान आनंद अस्पताल की कैंसर विशेषज्ञ डॉ. गरिमा जैन ने उपस्थित लोगों को कार्यक्रम के तकनीकी पहलुओं और वैक्सीन के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर बताया गया कि देश में हर 8 मिनट में एक महिला की मृत्यु गर्भाशय कैंसर के कारण होती है। हालांकि, 14 से 15 वर्ष की आयु में यह वैक्सीन लगने के बाद इस बीमारी की संभावना 90 से 95 प्रतिशत तक कम हो जाती है, जो एक बड़ी राहत की बात है। मेरठ के लिए भारत सरकार ने 41,000 किशोरियों के लिए वैक्सीन स्वीकृत की है। इसकी पहली किस्त के रूप में लगभग 1002940 वैक्सीन उपलब्ध हो चुकी हैं। 14 से 15 वर्ष की आयु की किशोरियों को यह वैक्सीन जिला महिला चिकित्सालय (घंटाघर) में सोमवार से शनिवार तक सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक लगाई जाएगी। वैक्सीनेशन के लिए केवल आयु प्रमाण पत्र लाना आवश्यक है। आगामी एक से दो सप्ताह में यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरू किया जाएगा। इस अभियान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक ने सीएसआर फंड के माध्यम से आर्थिक सहयोग दिया है। दोनों संस्थानों और आनंद अस्पताल, मेरठ के प्रबंधन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया।

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